चंदा इकट्ठा करके बनाया रेलवे स्टेशन

ताजनगर रेलवे स्टेशन
Image caption इस स्टेशन पर सात ट्रेनें रुका करेंगीं

भारत की राजधानी दिल्ली के नज़दीक गांव वालों ने ख़ुद पैसे जुगाड़कर एक रेलवे स्टेशन बनाया है.

दिल्ली के पास के गुड़गांव इलाके के गांव ताजनगर और आसपास के गांव के लोगों ने दो प्लेटफ़ॉर्म के निर्माण के लिए 2,080,786 रूपए का चंदा इकट्ठा किया.

पूरा काम ख़त्म होने मे सात महीने लगे. निर्माण कार्य रेलवे अधिकारियों की देखरेख में किया जा रहा था.

इस इलाक़े की सड़कें काफ़ी ख़राब स्थिति में है और आसपास की जगह जाना भी दूभर हुआ करता था. रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस नए स्टेशन से 25 हज़ार लोगों को फ़ायदा होने की संभावना है.

भारतीय रेलवे यूं तो दुनिया की सबसे बड़ी रेल सेवा है, पूरे देश को जोड़ती हुई लेकिन कई इलाक़े अब भी रेल की पटरियों के नक्शे पर नहीं है.

भारतीय रेल नौ हज़ार ट्रेन चलाती है और डेढ़ करोड़ से ज़्यादा लोग हर दिन इसकी सवारी करते हैं. पूरे भारत मे सात हज़ार के क़रीब स्टेशन हैं.

ज़्यादातर स्टेशन रेल विभाग ने बनाए हैं लेकिन रेल प्रशासन का कहना है कि कुछ स्टेशन पहले भी आम लोगों के सहयोग और चंदे के पैसे से बना है.

तरजीह नहीं

ताजनगर के लोगों की लंबे समय से ये मांग रही थी कि उनके गांव में एक स्टेशन बनाया जाए. लेकिन रेल प्रशासन की प्राथमिकता की सूची में ताजनगर काफी पीछे था.

“रेलवे के पास सीमित संसाधन है और हमें ज़रूरत के हिसाब से ही अपनी प्राथमिकता की सूची तैयार करनी पड़ती है. ताजनगर, ज़ाहिर है इस सूची में नहीं था.” उत्तर रेलवे के प्रवक्ता अनंत स्वरूप ने बीबीसी को बताया.

तो गांववालों ने निश्चय किया कि वे एक विकल्प तैयार करेंगे. रेलवे को उन्होंने अपनी योजना बताई कि वे ये रेल स्टेशन बनाना चाहते हैं.

प्रवक्ता अनंत स्वरूप का कहना था कि रेलवे प्रशासन ने उनकी योजना पर ग़ौर किया और लगा कि ये संभव है तो काम शुरू कर दिया गया.

गुड़गांव-रेवाड़ी लाईन पर पड़ने वाले इस स्टेशन पर इस रूट की सात ट्रेनें रूकेंगी. ये स्टेशन बहुत ही साधारण है और इसे हाल्ट कहना ज़्यादा बेहतर है.

गांव वाले बहुत खुश हैं कि अब उन्हें आसपास के इलाकों में जाने के लिए कहीं और नहीं बल्कि अपने गांव के स्टेशन तक ही जाना पड़ेगा.

एक पुरानी कहावत है कि आप बदलाव का वो पहिया ख़ुद बनें जो बदलाव आप अपनी दुनिया में देखना चाहते हैं. ताजनगर के निवासियों ने इसे साबित करके दिखा दिया है.

संबंधित समाचार