यूपी सरकार और चुनाव आयोग में ठनी

मायावती
Image caption मायावती की सरकार ने चुनाव आयोग के फ़ैसले पर आपत्ति जताई है

उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनावों मतगणना को लेकर मायावती सरकार और चुनाव आयोग में टकराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है.

चुनाव आयोग ने मतगणना की तारीख नौ जनवरी से बढ़ाकर तेरह जनवरी कर दी है.

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने कहा है कि स्थानीय निकायों में नामित सदस्यों के मताधिकार को लेकर हाईकोर्ट से कुछ स्पष्टीकरण प्राप्त करना आवश्यक हो गया है, इसलिए मतगणना बढ़ाई जा रही है. जवाब में कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि चुनाव योग का यह निर्णय एकतरफा है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मतगणना पूर्व निर्धारित तिथि पर शनिवार को ही होनी चाहिए. कैबिनेट मंत्री और प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग सत्तारूढ़ कांग्रेस की कठपुतली बन गया है. उन्होंने कहा है कि चूंकि कांग्रेस, भाजपा और समाजवादी पार्टी की हार होने जा रही है इसलिए वे बौखला गए हैं. उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विधान परिषद की 36 सीटों के लिए मत डाले गए हैं.

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