भारत-बांग्लादेश में कई समझौते

शेख़ हसीना और मनमोहन सिंह

बांग्लादेश ने कहा है कि वह अपनी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ आतंक के लिए नहीं होने देगा.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने सोमवार शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की और अपने देश की ओर से ये आश्वासन दिया.

भारत ने आतंकवाद से निपटने के लिए बांग्लादेश के साथ तीन समझौतों पर दस्तख़त किए. साथ ही भारत ने बांग्लादेश को एक अरब डॉलर की सहायता राशि देने की घोषणा की.

शेख़ हसीना के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस सहायता राशि की पेशकश की. किसी भी देश को भारत की ओर से ये सबसे बड़ी सहायता राशि है.

समझौता

भारत ने बांग्लादेश के साथ बिजली के बँटवारे का भी एक समझौता किया है. इस समझौते के मुताबिक़ भारत ने बांग्लादेश को सेंट्रल ग्रिड से 250 मेगावाट बिजली देने का फ़ैसला किया है.

भारत ने बांग्लादेश की उस चिंता को भी गंभीरता से लिया, जिसमें उसने मांग की थी कि शुल्क मुक्त व्यापार की सूची में और सामग्रियों को भी शामिल किया जाए. भारत इसके लिए तैयार हो गया है.

मनमोहन सिंह और शेख़ हसीना के बीच हुई बातचीत के दौरान कई अन्य फ़ैसले भी हुए. इन फ़ैसलों में संपर्क के पारंपरिक रास्तों को फिर से चालू करना भी शामिल है. जिसमें अखौरा-अगरतला रेलवे मार्ग भी है.

दोनों नेताओं की बातचीत में कई मुद्दे उठे. जिसमें अहम था- आतंकवाद, सुरक्षा, संपर्क, व्यापार, निवेश, सीमा संबंधी मुद्दे, पानी और बिजली के संसाधनों का बँटवारा.

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