गंगासागर मेले में भगदड़, सात मरे

Image caption श्रद्धालु और साधु सभी जुटे हैं गंगासागर में.

कोलकाता के पास चल रहे गंगासागर मेले में मची भगदड़ से कम से कम सात तीर्थयात्री मारे गए हैं और बीस से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

मकर संक्रांति के मौके पर हर साल गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम स्थल पर लाखों हिंदू श्रद्धालु जुटते हैं और वहां कपिल मुनि के मंदिर में पूजा करते हैं.

ये पवित्र स्थल सागर द्वीप कहलाता है और श्रद्धालु वहां नाव से पहुंचते हैं.

ख़बर है कि भगदड़ तब मची जब श्रद्धालु नाव पर जगह पाने के लिए दौड़ रहे थे.

पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिरीक्षक सुरोजित कार पुरकायस्था का कहना है, "जो भीड़ थी वो भगदड़ में बदल गई और सात लोग मारे गए."

ये इलाका दक्षिण 24 परगना ज़िले में पड़ता है और वहां के ज़िला मजिस्ट्रेट ख़लील अहमद ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

उनका कहना था, ``बुधवार रात को लौटती लहरों की वजह से कोई नौका उपलब्ध नहीं थी और बृहस्पतिवार की सुबह जब ज्वार आया तो काकद्वीप पर मौजूद श्रद्धालु दौड़ पड़े जगह के लिए.''

मरनेवालों में पांच महिलाएं और दो बच्चे हैं.

डॉक्टरों का कहना है कि मरनेवालों की संख्या और उपर जा सकती है क्योंकि घायलों में से कई की हालत चिंताजनक है.

जिला प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को हिदायत दी है कि वो हर नाव पर सवार होनेवाले तीर्थयात्रियों की संख्या पर नज़र रखें जिससे नाव के डूबने का ख़तरा नहीं हो.

गंगासागर हिंदुओं के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है और मान्यता है कि दूसरे तीर्थों की यात्रा तो बार बार की जा सकती है लेकिन गंगासागर जीवन में एक ही बार जाना होता है.

उधर हरिद्वार में भी गंगा तट पर मकर संक्रातिं से शुरू होकर तीन महीने तक चलने वाले महाकुंभ के लिए लाखों श्रद्धालु जुटे हुए हैं.

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