ज्योति बसु के निधन पर शोक की लहर

  • 17 जनवरी 2010
ज्योति बसु
Image caption ज्योति बसु लगातार 23 वर्ष तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योति बसु के निधन पर सभी राजनितिक दलों और नेताओं ने शोक व्यक्त किया है.

लगातार 23 साल तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु का 95 साल की उम्र में निधन हो गया. वे कई दिनों से कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती थे और उनके सभी प्रमुख अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.

ज्योति बसु के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ज्योति बसु के निधन को राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.

प्रतिभा देवी सिंह पाटिल,राष्ट्रपति

राष्ट्र ने एक प्रभावशाली राजनीतिज्ञ खो दिया है. ज्योति बसु ने अपने जीवन में भारत में लंबे कार्यकाल तक मुख्यमंत्री रहने का भी कीर्तिमान बनाया. अपने राजनीतिक सफ़र में ज्योति बसु ने बहुत ख्यति प्राप्त की. बसु के न रहने से देश को बड़ा नुकसान हुआ है.

हामिद अंसारी, उपराष्ट्रपति

ज्योति बसु का सार्वजनिक जीवन में बहुत अहम योगदान रहा. पश्चिम बंगाल के विकास के लिए उनका योगदान अमूल्य है. राज्य और राष्ट्र के राजनीतिक विकास में ज्योति बसु का दिया गया योगदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

Image caption प्रधानमंत्री ने बसु के निधन पर दुःख जताया

मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री

भारत के राजनीतिक परिदृश्य में ज्योति बसु की एक बुलंद क्षेत्रीय आवाज़ थी. मैंने कई मौकों पर ज्योति बसु से सलाह मांगी और जवाब देने में वे हमेशा तत्पर रहे. जयति बसु के निधन से भारतीय राजनीति के एक युग का अंत हुआ है. अपने छह दशक के राजनीतिक सफ़र में उन्होंने पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे की राजनीति को एक नए मुकाम तक पहुंचाया.

पी चिदंबरम ,गृहमंत्री

ज्योति बसु का न रहना एक बहुत बड़ी क्षति है. सिर्फ़ पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए वो एक महान नेता थे. हम सब को इस ख़बर से बहुत दुख पहुंचा है और इस दुख की घडी़ में हम ज्योति बसु के परिवार, पश्चिम बंगाल की जनता और पूरे भारत के साथ हैं

Image caption आडवाणी ने भी ज्योति बसु को श्रद्धांजलि दी

लालकृष्ण अडवाणी, वरिष्ठ नेता, भारतीय जनता पार्टी

ज्योति बसु के न रहने से भारत के कम्युनिस्ट आंदोलन को धक्का लगा है. ज्योति बसु एक बड़े दिग्गज और महान नेता थे. हमारी विचारधाराएं अलग रही हैं, लेकिन उनकी महानता को ध्यान में रखते हुए मैं उनकी बहुत इज़्ज़त करता हूँ और अपनी श्रद्धांजलि देता हूँ.

सोनिया गाँधी, अध्यक्ष,कांग्रेस पार्टी

ज्योति बसु एक बड़े कद्दावर नेता थे. उनके निधन पर मैं अपना शोक व्यक्त करती हूँ.

सीताराम येचूरी, सीपीएम पोलित ब्यूरो सदस्य

ज्योति बसु मार्क्सवादियों में सबसे ऊंचे क़द के नेता थे. पूरे पश्चिम बंगाल के लोग उनकी इज़्ज़त करते थे और उन्हें चाहते थे. पश्चिम बंगाल और पूरे भारत के वामपंथी आंदोलन के वे प्रेरणा स्रोत हैं. ज्योति बसु की जीवनी आधुनिक भारत के निर्माण से हमेशा जुडी रहेगी. पोलित ब्यूरो उनके योगदान को सलाम करती है.

Image caption ममता बनर्जी ने ज्योति बसु से अपने रिश्तों को याद किया

ममता बनर्जी. अध्यक्ष तृणमूल कांग्रेस

मैं पिछले दस सालों से उनके लगातार संपर्क में रही. जब से ज्योति बसु ने मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़ी थी तब से मेरे उनके साथ बहुत अच्छे संबंध रहे. वे मेरे राजनितिक आंदोलन के बारे में अक्सर पूछा करते थे. भारतीय राजनीति में उनका क़द हमेशा बहुत ऊंचा रहेगा.

प्रणव मुख़र्जी, वित्त मंत्री

ज्योति बसु का न रहना मेरे लिए एक निजी क्षति है. उनके निधन से मैंने अपना एक बड़ा शुभचिंतक खो दिया है.

लालू प्रसाद यादव, अध्यक्ष, राष्ट्रीय जनता दल

ज्योति बसु का न रहना देश के लिए एक बड़ा नुक़सान है. हम सबने उन्हें देश का प्रधानमंत्री बनाने की भी कोशिश की थी लेकिन उनकी पार्टी के ही नेताओं ने उनका साथ नहीं दिया. अगर वे प्रधानमंत्री होते तो आज देश का राजनीतिक परिदृश्य दूसरा ही होता.

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