अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़

ज्योति बसु का अंतिम दर्शन

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ज्योति बसु के पार्थिव शरीर को देखने कोलकाता में लाखों की भीड़ उमड़ी है.

मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ ज्योति बसु की अंतिम यात्रा निकलेगी.

लगातार 23 साल तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु का 95 साल की उम्र में रविवार को निधन हो गया था.

ज्योति बसु के निधन के बाद पूरे पश्चिम बंगाल में शोक की लहर है. पश्चिम बंगाल की सरकार ने राज्य में दो दिनों के शोक की घोषणा की है. दोनों दिन सभी सरकारी दफ़्तर बंद रहेंगे.

मंगलवार को बसु की अंतिम यात्रा में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के शामिल होने की संभावना है.

श्रद्धांजलि

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ शेख़ हसीना ने ज्योति बसु के निधन पर अपने शोक संदेश में कहा है, "ज्योति बसु दक्षिण एशिया में महज़ एक नाम नहीं थे बल्कि वे एक संस्था थे. मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देने कोलकाता ज़रूर जाऊँगी."

शेख़ हसीना ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम अपने संदेश में ज्योति बसु के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि 'बांग्लादेश की मुक्ति संग्राम में ज्योति बसु ने काफ़ी सहयोग किया था.'

ज्योति बसु बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति और शेख़ हसीना के पिता शेख़ मुजीबुर्रहमान के क़रीबी थे.

मंगलवार को बसु की अंतिम यात्रा में देश-विदेश के कई नेताओं और प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.

वर्ष 2003 में ज्योति बसु ने मौत के बाद अपने शारीरिक अंगों को दान में देने की इच्छा ज़ाहिर की थी.

कोलकाता में 'सुश्रुत आई फांउडेशन एंड रिसर्च सेंटर' के सचिव डॉक्टर रतीशचंद्र पॉल ने बीबीसी को बताया कि बसु की आँखों को इस्तेमाल के लिए रख लिया गया है.

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