पुलवामा में लोगों का धरना

सुरक्षाबल (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption गणतंत्र दिवस को देखते हुए भारत प्रशासित कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है

भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में पुलवामा ज़िले के कलमपुरा गाँव के प्रधान के बेटे के मारे जाने के विरोध में सैकड़ों लोग धरने पर बैठे हुए हैं.

लोगों का आरोप है कि मुश्ताक अहमद सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए.

दरअसल जो ख़बरें मिल रही हैं कि इस गांव में कुछ चरमपंथियों के छुपने की ख़बर थी और सुरक्षाबल तलाशी ले रहे थे.

मुश्ताक अहमद को सुरक्षाबलों ने ही किसी घर में भेजा और इसके बाद हुई गोलीबारी में वो मारे गए.

अभी ये स्पष्ट नहीं है कि वो सुरक्षाबलों अथवा चरमपंथियों की गोली का निशाना बने.

उल्लेखनीय है कि पिछले दो महीने में कश्मीर में घुसपैठ के प्रयासों में भी तेज़ी आई है.

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार का कहना है कि जम्मू कश्मीर में पिछले साल घुसपैठ की घटनाएँ बढ़ी हैं.

भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने शनिवार को कहा था कि भारत को घुसपैठ के प्रयास और चरमपंथी हमले रोकने के लिए चौकस रहना होगा और सैन्य बलों को निरंतर निगरानी रखनी होगी.

संबंधित समाचार