बिहार बंद से जनजीवन अस्त व्यस्त

लालू प्रसाद यादव
Image caption लालू प्रसाद यादव ने इस आँदोलन की एक महीने तैयारी की है

लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से बढ़ती महंगाई के विरोध में गुरुवार को बुलाए गए 12 घंटे के बिहार बंद का पूरे राज्य में असर देखने को मिल रहा है.

बंद से राज्य की सड़क यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. बंद समर्थकों ने रेल यातायात और एंबुलेंस सेवाओं को बंद से बाहर रखा है.

लालू-राबड़ी गिरफ़्तार

आरजेडी कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में जुलूस निकालकर दुकानें बंद कराईं और सड़क जाम किया. कई जगह से आरजेडी कार्यकर्ताओं के गिरफ़्तारी की भी ख़बरें मिल रही हैं.

लालू प्रसाद यादव दोपहर को अपनी पत्नी और विधानसभा में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी के साथ राजधानी पटना के डाक बंगला चौराहे पर पहुँचे.

वहाँ आरजेडी और बंद को समर्थन देने वाली लोकजनशक्ति पार्टी और वाम दलों के हज़ारों कार्यकर्ता पहले से ही मौज़दू थे.

लालू प्रसाद यादव ने वहाँ पुलिस पोस्ट पर चढ़कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और 'रोको महंगी, बांधों दाम, नहीं तो होगा चक्का जाम' का नारा दिया.

इसके बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर राबड़ी देवी को गिरफ़्तार कर लिया और एक गाड़ी में बिठाकर कोतवाली ले गई. इसके कुछ देर बाद ही पुलिस लालू प्रसाद को भी गिरफ्तार कर कोतवाली ले गई.

हालांकि आरजेडी के इस बंद में शामिल होने के लिए लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान को भी पटना पहुँचना था लेकिन वे नहीं पहुँच सके.

बिहार बंद से पटना के अधिकतर इलाक़ों में दुकानें बंद रहीं और यातायात प्रभावित हुआ. इससे राजधानी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.

बंद की तैयारी

लालू प्रसाद और रामविलास पासवान दोनों नेताओं ने लोगों से अपील की थी कि वे जगह-जगह नुक्कड़ सभाएँ कर और मशाल जुलूस निकालकर महँगाई का विरोध करें.

बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) और भाजपा गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि लालू प्रसाद और रामविलास केंद्र की कांग्रेस सरकार को बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं.

हालांकि लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान ने कहा है कि वे बढ़ती महँगाई के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों के ख़िलाफ़ बंद का आयोजन कर रहे हैं.

लालू प्रसाद यादव ने पिछले एक महीने में घूम-घूमकर नुक्कड़ सभाएँ की हैं और इस बंद के लिए लोगों का समर्थन मांगा है.

उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य की सरकार जमाखोरों और मुनाफ़ाखोरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं कर रही है.

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