माया के पुतलों के लिए भी बॉडीगार्ड

Image caption अदालत ने भी इन पुतलों के निर्माण पर सवाल उठाए हैं.

उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अब लखनऊ और नोएडा में अपनी विवादास्पद मूर्तियों और स्मारकों की सुरक्षा के लिए एक विशेष दस्ते के गठन के लिए विधेयक पेश किया है.

इस दस्ते के हर सदस्य के पास इस बात का अधिकार होगा कि वो किसी को भी बिना वारंट या मजिस्ट्रेट के आदेश के गिरफ़्तार कर सके अगर उन्हें शक हो कि वो व्यक्ति इन स्मारकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था.

इस फ़ोर्स का नाम राज्य विशेष परिक्षेत्र सुरक्षा बल होगा.

विधेयक के अनुसार प्रारम्भ में एक पूरी नई बटालियन बनेगी और ज़रूरत हुई तो बाद में इसका विस्तार किया जाएगा.

कुछ बड़े अफ़सरों को छोड़कर पूरी फ़ोर्स के लिए सीधी भर्ती होगी.

फ़ोर्स के गठन पर प्रारम्भ में 53 करोड़ रुपये खर्च होंगे ,जिसमे जमीन का दाम शामिल नही है.

Image caption मायावती की पार्टी के निशान ये हाथी करोड़ों की लागत से बने हैं.

इसके अलावा 14 करोड़ रुपये सालाना खर्च होंगे.

विपक्षी पार्टियों ने इस कदम की आलोचना की है और इसे अनावश्यक खर्च करार दिया है.

इस फ़ोर्स को जिन दस स्मारकों की सुरक्षा करनी है उनमे अंबेडकर स्थल, कांशीराम स्मारक, रमाबाई अंबेडकर मैदान, स्मृति उपवन , बुद्ध विहार और स्वयं उनका बंगला 13 मॉल एवेन्यू शामिल हैं.

ये सभी स्मारक ख़ासे विवाद में रहे हैं और इनपर कई हज़ार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं.

इनसे जुड़ी कई जनहित याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं.

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