संजय दत्त का इस्तीफ़ा मंज़ूर

Image caption पिछले साल लोकसभा चुनाव से पहले संजय दत्त सपा में शामिल हुए थे.

समाजवादी पार्टी (सपा) ने फिल्म अभिनेता संजय दत्त का पार्टी के महासचिव पद से दिया गया इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक़ पार्टी ने अपने एक और महासचिव ओबेदुल्ला आज़मी का इस्तीफ़ा भी स्वीकार कर लिया है.

इसकी जानकारी पार्टी महासचिव प्रोफ़ेसर रामगोपाल यादव ने नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दी.

इस्तीफ़ों की झड़ी

कुछ दिन पहले ही पार्टी के प्रमुख महासचिव अमर सिंह ने भी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था.

इसके बाद संजय दत्त और ओबेदुल्ला आज़मी ने भी महासचिव पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

संजय दत्त को अमर सिंह का क़रीबी माना जाता है. मुंबई में नौ जनवरी को एक संवाददाता सम्मेलन में दत्त ने कहा था कि पार्टी में जिस तरह अमर सिंह से व्यवहार हुआ उससे उन्हें दुख पहुँचा है.

उनका कहना था कि अमर सिंह उनके बड़े भाई की तरह हैं और अगर उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया है तो उन्हें कोई हक नहीं है कि वे पद पर बने रहें.

पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव से ठीक पहले संजय दत्त सपा में शामिल हुए थे और पार्टी ने उन्हें लखनऊ सीट से उम्मीदवार बनाने की घोषणा की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट से अनुमति न मिलने के कारण वे चुनाव नहीं लड़ पाए थे.

नई नियुक्तियाँ

पहले अमर सिंह और अब संजय दत्त व ओबेदुल्ला आज़मी का इस्तीफ़ा स्वीकार करने के साथ ही सपा ने तीन नई नियुक्तियाँ भी की हैं.

प्रोफ़ेसर राम गोपाल यादव ने बताया कि वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मोहन सिंह को पार्टी का नया महासचिव बनाया गया है.

वे राष्ट्रीय प्रवक्ता का कामकाज भी संभालेंगे, यह पद अबतक अमर सिंह के पास था.

इसके साथ ही विशंभर प्रसाद निषाद और रामआसरे कुशवाहा को भी पार्टी का नया महासचिव बनाया गया है.

रामगोपाल यादव ने बताया कि राज्य सभा सांसद बृजभूषण तिवारी पार्टी के नए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होंगे.

वे जनेश्वर मिश्र का स्थान लेंगे जिनका पिछले हफ़्ते इलाहाबाद में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था.

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