हल्दीराम के मालिक को उम्र क़ैद

  • 29 जनवरी 2010
Image caption हल्दीराम भारत में एक जानामाना ब्रांड है

कोलकाता की एक अदालत ने मिठाई और स्नैक्स की दुकानें चलाने वाली कंपनी हल्दीराम के मालिक प्रभु शंकर अग्रवाल समेत पाँच को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है.

हल्दीराम के मालिक पर आरोप है कि उन्होंने एक चाय दुकानदार की हत्या की साज़िश रची थी. इस मामले में चार अन्य को हत्या की कोशिश और शस्त्र अधिनियम से जुड़े अपराधों का दोषी पाया गया है.

कोलकाता की एक फ़ास्ट-ट्रैक अदालत ने गुरुवार को पाँचों को इस मामले में दोषी ठहराया था.

अदालत ने शुक्रवार प्रभु शंकर अग्रवाल और सहअभियुक्तों गोपाल तिवारी, मनोज ठाकुर, राजा सोनकर और अरुण खंडेलवाल को सज़ा सुनाई.

गोपाल तिवारी, मनोज ठाकुर, राजा सोनकर और अरुण खंडेलवाल पेशेवर गुंडे बताए जाते हैं.

अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने कोलकाता के बड़ा बाज़ार में अपनी दुकान खोलने के लिए एक चाय दूकानदार पर जानलेवा हमला करवाया था.

आरोप के अनुसार चाय दुकान हल्दीराम की राह में बाधा बन रही थी.

30 मार्च 2005 को गोपाल तिवारी ने अपने साथियों की मदद से चाय दुकानदार प्रमोद शर्मा पर हमला किया. शर्मा के पैर पर गोली लगी लेकिन वे बच गए.

गोलीकांड के समय अग्रवाल देश से बाहर थे. स्वदेश लौटते ही शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया.

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