'माया-मोह' में अमर सिंह

  • 30 जनवरी 2010
अमर सिंह
Image caption अमर सिंह ने सोनिया गांधी की भी प्रशंसा की

क्या समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव अमर सिंह उत्तर प्रदेश की मौजूदा मुख्यमंत्री मायावती की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा रहे हैं?

क्या ये कोई नए राजनीतिक समीकरण का संकेत तो नहीं? अमर सिंह के ताज़ा बयान से राजनीतिक हलकों में कुछ ऐसी ही सुगबुगाहट शुरू हो गई है.

एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमर सिंह ने कहा कि मायावती ने विषम परिस्थितियों में भी अपने को साबित किया है.

उन्होंने कहा कि वे मायावती का दर्द समझ सकते हैं, जब मुलायम सिंह यादव ने उन्हें 'अपमानित' किया था.

समाजवादी पार्टी के प्रमुख पदों से इस्तीफ़ा देने के बाद पार्टी को कई बार आड़े-हाथों ले चुके अमर सिंह ने कहा कि उनके पास विकल्पों की कमी नहीं है.

इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की भी तारीफ़ की.

अमर सिंह ने कहा, "अपने-अपने क्षेत्रों में दोनों राजनीतिक हस्ती हैं. एक ने उत्तर प्रदेश की विषम परिस्थितियों में अपने को साबित किया है, तो दूसरी ने केंद्र में."

पीड़ा

चर्चित गेस्ट हाउस कांड का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब वे मायावती की पीड़ा समझ सकते हैं.

आरोप है कि वर्ष 1995 में लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश राज्य गेस्ट हाउस को घेर लिया था और मायावती के साथ बदतमीजी की थी.

ये सब उस समय हुआ जब मायावती ने मुलायम सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया था.

अमर सिंह के ताज़ा बयान पर समाजवादी पार्टी के नए महासचिव मोहन सिंह ने कहा है, "मेरा मानना है कि उनकी तारीफ़ करने के बाद वे उन्हें गाली भी देंगे. उनके बयान पर प्रतिक्रिया देना अपने आप को मूर्ख बनाने जैसा है. ये उनके व्यक्तित्व का दोष है और ये दोष आज का नहीं है."

उन्होंने कहा कि वे मायावती और सोनिया गांधी की इसलिए तारीफ़ कर रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं है.

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