शिवसेना और राहुल आमने-सामने

  • 2 फरवरी 2010
राहुल गांधी
Image caption राहुल गांधी बिहार में पार्टी का जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

शिव सेना ने कहा है कि राहुल गांधी ने मुंबई हमलों से निपटने में उत्तर भारतीय जवानों की भूमिका का उल्लेख कर महाराष्ट्र के शहीदों का अपमान किया है.

बिहार दौरे पर गए राहुल गांधी ने मुंबई में बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को निशाना बनाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था, "जब मुंबई में आतंकवादी हमले हुए तब उससे निपटने में लगे एनएसजी कमांडो में बिहार और उत्तर प्रदेश के जवान थे."

उन्होंने शिव सेना और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (एमएनएस) की उत्तर भारतीय विरोधी नीति पर प्रहार करते हुए स्पष्ट कहा कि कांग्रेस की सरकार भेद-भाव बर्दाश्त नहीं करेगी.

इसी के जवाब में शिव सेना के नेता उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने 26/11 के दौरान जान गँवाने वाले जवानों को अपमानित किया है.

कड़े क़ानून बने

उद्धव ठाकरे का कहना है,"राहुल गांधी ने हेमंत करकरे, अशोक काम्टे, विजय सालस्कर, तुकाराम ओम्ले और अन्य मराठी पुलिसकर्मियों और संदीप उन्नीकृष्णन की वीरता को अपमानित किया है जिन्हें अपनी जान गँवानी पड़ी."

उद्धव ठाकरे ने कहा कि राहुल गांधी मराठी विरोधी बयान दे रहे हैं. उन्होंने सवाल किया, 'जब मुंबई पह हमला हुआ था तब राहुल कहां थे.'

इस बीच कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने माँग की है कि एमएनएस और शिव सेना जैसी पार्टियों से निपटने के लिए कड़े क़ानून बनने चाहिए.

उन्होंने भी दोहराया कि भारत के किसी भी नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में आने-जाने की आज़ादी है.

भाजपा-संघ साथ-साथ

उत्तर भारतीयों पर राजनीति में अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अपना रुख़ स्पष्ट किया है.

पार्टी के नेता और पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है, "हम भाषा के आधार पर भेद-भाव किसी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे. चाहे ये कहीं पर भी हो."

भाजपा महाराष्ट्र में शिव सेना की सहयोगी रही है, लेकिन इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं और विश्लेषकों का मानना है कि इसी को देखते हुए पार्टी स्पष्ट तौर पर भेद-भाव का विरोध कर रही है.

कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने पहली बार कहा था कि वह महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के साथ किसी तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं करेगा.

संघ ने यहां तक कहा था कि महाराष्ट्र में उनके कार्यकर्ता उत्तर भारतीयों की रक्षा करेंगे.

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