तेलंगाना मुद्दे पर अनूठे प्रदर्शन

  • 4 फरवरी 2010
तेलंगाना समर्थक
Image caption तेलंगाना आंदोलनकारी सड़कों पर खाने बनाकर खा रहे हैं और खिला रहे हैं

आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना राज्य के लिए अनूठे तरीक़ों से प्रदर्शन हो रहे हैं.

आंदोलनकारियों ने हैदराबाद की दो मुख्य सड़कों को रसोईखाने और सांस्कृतिक कार्यक्रम के मंच में बदल डाला.

हैदराबाद से मंचारियल और वारंगल जानेवाली सड़कों पर हज़ारों तेलंगाना समर्थक महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और छात्रों ने जमा होकर खाना पकाया, खाया-खिलाया और लोकगीत-संगीत के कार्यक्रमों के साथ-साथ कबड्डी के मुक़ाबले भी करवाए.

ये प्रदर्शन तेलंगाना राज्य के पक्ष में आंदोलन चलाने वाला संगठन सर्वदाल्या संयुक्त संघर्ष समिति कर रहा है जिसकी शुरुआत बुधवार को भारत की अब तक की सबसे लंबी मानव श्रृंखला बनाने से हुई.

आदिलाबाद से लेकर आलमपुर तक 500 किलोमीटर लंबी इस मानव श्रृंखला में लाखों लोगों ने भाग लिया था.

तेलंगाना समिति के संयोजक प्रोफ़ेसर कोदंदरम ने प्रदर्शनों के बारे में कहा,"इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और कार्यक्रमों से तेलंगाना के आम लोग यह संदेश दे रहे हैं कि यह उनका अपना आंदोलन है और इसे तमाम लोगों का समर्थन प्राप्त है."

सांझे चूल्हे और सामाजिक भोज के कार्यक्रम की शुरुआत हैदराबाद के निकट शमीर्पेट से हुई जहाँ प्रोफ़ेसर कोदंदरम के अलावा कई बड़े नेता, तेलंगाना राष्ट्र समिति के विधायक राम राव और तेलुगु देसम के देवेंदर गौड़ ने भी भाग लिया.

जवाब

Image caption आंदोलनकारियों ने कहा है कि वे केंद्र की घोषणा होने तक प्रदर्शन करते रहेंगे

टीआरएस के नेता राम राव ने कहा,"यह आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों के नेताओं के उस झूठे प्रचार का जवाब है कि पृथक तेलंगाना का आंदोलन हिंसात्मक है और उसे माओवादी चला रहे हैं."

आदिलाबाद, करीमनगर, मेदक, रंग रेड्डी, नलगोंडा और वारंगल ज़िलों में भी कई स्थानों पर ऐसे ही कार्यक्रम हुए. वहाँ कॉलेज छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए और तेलंगाना की महिलाओं ने बोनालू जैसे त्योहारों की झाँकियाँ दिखाईं और लोक नृत्य पेश किया.

इसके अलावा हैदराबाद में उच्च न्यायालय के वकीलों ने भी सामाजिक भोज करवाए और लोगों को खाना खिलाया.

प्रोफ़ेसर कोदंद्रम ने कहा कि यह आन्दोलन और प्रदर्शन उस समय तक चलते रहेंगे जब तक कि केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य की स्थापना की माँग पूरी नहीं कर देती.

तेलंगाना समिति ने शुक्रवार को भी हैदराबाद से लेकर आंध्र की सीमा पर स्थित कोदाद तक साझा पकवान बनाने के कार्यक्रम का आह्वान किया है.

अनिश्चय

Image caption तेलंगाना आंदोलनकारियों ने अपने प्रदर्शन की शुरूआत मानव श्रृंखला बनाकर की

केंद्र ने बुधवार को जस्टिस बी एन श्रीकृष्ण के नेतृत्व में पाँच सदस्यों की एक समिति गठित की है जो आंध्र प्रदेश में व्यापक स्तर पर विचार विमर्श से इस समस्या का समाधान ढूँढने के प्रयास करेगी.

लेकिन अभी केंद्र ने इस समिति के विधि-विधान, दायरे और उद्देश और अवधि की घोषणा नहीं की है, इसलिए तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति ने इस पर कोई प्रतिक्रया नहीं दी है.

समिति के गठन के बाद भी अनिश्चितता जारी है. तेलंगाना वादी इस बात से संतुष्ट नहीं हैं कि समिति के गठन की घोषणा में केंद्र ने तेलंगाना शब्द का प्रयोग नहीं किया है और कहा है की यह समिति आंध्र प्रदेश की स्थिति पर सलाह मशविरा करेगी.

तेलंगाना के नेताओं में कांग्रेस के वरिष्ट विधायक आर दामोदर रेड्डी भी शामिल हैं जिन्होंने चेतावनी दी है की अगर श्रीकृष्ण समिति का दायरा तेलंगाना राज्य की माँग तक सीमित नहीं रहता है और उस की अवधि निर्धारित नहीं रहती है तो वो उसे स्वीकार नहीं करेंगे.

दूसरी ओर आंध्र और रायलसीमा के नेताओं ने भी धमकी दी है की अगर श्रीकृष्ण समिति केवल तेलंगाना राज्य पर विचार करेगी तो वो उसे स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि वो तेलंगाना राज्य का विरोध कर रहे हैं.

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