माओवादियों का 72 घंटे का बंद

नक्सली
Image caption नक्सली भारत के कई राज्यों में सक्रिय हैं.

भारत के कुछ राज्यों में माओवादियों ने सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान के विरोध में 72 घंटे के बंद का आह्वान किया है.

बंद के दौरान बिहार के नरगांजों में रेलवे लाइन को उड़ा दिया गया है जबकि उड़ीसा में रेलवे कुलियों के एक ठेकेदार को मार डाला गया है.

ख़बरों के अनुसार हावड़ा-दिल्ली के बीच दो रेलवे लाईनों को नुकसान पहुंचाया गया है. झारखंड से भी एक रेलवे अधिकारी को मारे जाने की ख़बर है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकती है.

बंद के कारण कई ट्रेनों के समय में फेरबदल किया गया है और आशंका है कि आने वाले कुछ घंटों में इन राज्यों में जनजीवन पर व्यापक असर पड़ने वाला है.

उधर राजधानी दिल्ली में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चल रही एक बैठक में आज आंतरिक सुरक्षा पर बातचीत होनी है.

बंद के मद्देनज़र राज्यों में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं. संवाद समिति प्रेट्र के अनुसार माओवादियों ने क़रीब आठ राज्यों में यह बंद रखा है.

माओवादियों ने बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में माओवादियों के ख़िलाफ़ सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान के विरोध में व्यापक बंद का आह्वान किया है.

इन चार राज्यों के अलावा छत्तीसगढ, महाराष्ट्र के कुछ ज़िलों और आंध्र प्रदेश में बंद का प्रभाव होने की आशंका है.

उल्लेखनीय है कि इन चार राज्यों में संयुक्त अभियान को लेकर नौ फरवरी को चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय गृह मंत्री के बीच कोलकाता में एक बैठक होने वाली है.

शनिवार की रात से यह बंद प्रभावी हुआ है और ख़बरों के अनुसार झारखंड में बंद का खासा असर देखा जा रहा है.

रांची से बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने बताया कि देर रात से ही राजमार्गों पर चलने वाली ट्रकों ने डेरा डाल दिया है और राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही कम हो गई है.

बंद के मद्देनज़र शुक्रवार से ही कुछ ट्रेनों के मार्गों में बदलाव किया गया है.

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