कोचिंग सेंटरों के लिए क़ानून

बिहार सचिवालय
Image caption पिछले दिनों छात्रों ने कोचिंग सेंटरों के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किया था.

बिहार सरकार राज्य में कोचिंग सेंटरों को नियंत्रित करने के लिए क़ानून बनाएगी.

इसकी घोषणा राज्य के मानव संसाधन विभाग ने की है.

पटना में सोमवार और मंगलवार को छात्रों ने कोचिंग सेंटरों के संचालकों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते हुए आगजनी और तोड़फोड़ की थी.

हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हवाई फ़ायरिंग करनी पड़ी थी.

इस दौरान गोली से घायल हुए एक छात्र की मौत भी हो गई थी.

हालांकि पुलिस का कहना है कि छात्र की मौत किसी निजी बंदूक से चली गोली से हुई है.

नियंत्रण

ज़ाहिर है कि इस घटना के दबाव में ही राज्य सरकार ने कुकुरमुत्ते की तरह उग आए कोचिंग सेंटरों पर क़ानूनी रूप से नियंत्रण पाने की कवायद शुरू कर दी है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है, "जो संस्थान छात्र-छात्राओं को ठीक से पढ़ाने की जगह सिर्फ़ पैसा कमाने का धंधा और शोषण करेंगे, तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए सख़्त क़ानून बनाए जाएँगे."

उधर, पटना ज़िला प्रशासन ने कोचिंग संचालकों और छात्र प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर दोनों पक्षों की बातें सुनीं.

प्रशासन ने हिंसक घटनाओं की जाँच भी शुरू कर दी है.

पटना नें रहकर कोचिंग सेंटरों में पढ़ाई कर रहे छात्रों की शिकायत है कि भारी-भरकम फ़ीस वसूलने वाले कोचिंग संचालक न सिर्फ़ घटिया पढ़ाई करवाते हैं, बल्कि विरोध करने पर अपने गुंडों की मदद से उनकी पिटाई भी करवाते हैं.

वहीं इस मामले में विपक्ष ने नीतीश सरकार पर राजनीतिक हमला भी शुरू कर दिया है.

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा है, " नीतीश राज में शिक्षा माफिया निरंकुश हो कर लूट मचा रहे हैं. सरकार की ग़लत नीति से राज्य की स्कूली-शिक्षा गर्त में जा रही है."

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