बीएसएफ़ अधिकारी निलंबित

ज़ाहिद फ़ारूक़
Image caption ज़ाहिद फ़ारूक़ की गोली लगने से मौत हो गई थी

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) ने भारत प्रशासित कश्मीर में अपने एक कमांडिंग अधिकारी आरके विरदी को निलंबित कर दिया है.

हालाँकि बीएसएफ़ ने स्पष्ट किया है कि विरदी का निलंबन इसलिए हुआ है क्योंकि उन्होंने ज़ाहिद फ़ारूक़ की हत्या के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं दी.

बीएसएफ़ के उप महानिरीक्षक आईएस राणा ने बीबीसी को बताया कि विरदी के निलंबन के पीछे यह आरोप नहीं है, जिसमें उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि बीएसएफ़ अपने स्तर पर भी इस मामले की जाँच करा रहा है, जिसके लिए एक वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से आ रहे हैं.

प्रदर्शन

कुछ दिन पहले श्रीनगर के ब्रेन इलाक़े में 16 वर्षीय युवक ज़ाहिद फ़ारूक़ की गोली लगने से मौत हो गई थी. इस घटना को लेकर काफ़ी विरोध प्रदर्शन हुए थे.

बाद में बीएसएफ़ ने स्वीकार किया कि उसका एक जवान लखविंदर कुमार प्रथमदृष्टया इसके लिए ज़िम्मेदार है. इस जवान को जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया गया है.

बीएसएफ़ के डीआईजी आईएस राणा ने बीबीसी को बताया कि घटना के समय मौजूद अन्य जवानों से भी पूछताछ की जा रही है.

लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि जाँच के बाद ही कमांडिंग अधिकारी आरके विरदी की भूमिका पर कोई टिप्पणी की जा सकती है.

फ़िलहाल उन्हें सिर्फ़ इसलिए निलंबित किया गया है क्योंकि उन्होंने इस घटना की सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी.

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