पुणे धमाके में नौ मरे, भारत में हाई एलर्ट

पुणे धमाका

महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुए एक धमाके में पाँच महिलाओं समेत नौ लोग मारे गए हैं और कम से कम 45 लोग घायल हैं. घायल हुए लोगों को शहर के विभिन्न अस्पतालों में दाख़िल कराया गया है और इनमें से तीन की हालत गंभीर है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे देश में हाई एलर्ट जारी किया और लोगों से अपील की है कि वे किसी भी लावारिस बैग, पैकेज या वस्तु से छेड़खानी न करें. महाराष्ट्र सरकार ने भी रेल स्टेशनों और हवाई अड्डों पर हाई एलर्ट की घोषणा की है.

धमाका पुणे के लोकप्रिय रेस्तरां जर्मन बेकरी में शाम सात बजे के आसपास हुआ. उस समय वहाँ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे जिनमें विदेशी नागरिक भी थे. प्रशासन ने एक विदेशी नागरिक के मारे जाने और एक के घायल होने की बात कही है, वहीं ये भी कहा है कि कुछ और मृतकों की नागरिकता सुनिश्चित करने के प्रयास हो रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि ये हमला उस समय हुआ है जब भारत और पाकिस्तान ने 25 फ़रवरी को विदेश सचिव स्तर की बातचीत करने बात कही है.

भारत ने इससे पहले नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए चरमपंथी हमलों के लिए पाकिस्तान में मौजूद तत्वों को दोषी ठहराया था. उधर पाकिस्तान ने कहा था कि चरमपंथी ताकतें भारत-पाकिस्तान के अच्छे संबंध नहीं चाहतीं और इसीलिए दोनों देशों के बीच मतभेद पैदा करने के लिए ऐसी घटनाएँ हो रही है.

'लावारिस बैग खोलने से धमाका'

केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्ले ने मीडिया को बताया कि धमाका तब हुआ जब जर्मन बेकरी में लावारिस पड़े एक बैग को एक वेटर ने खोलने का प्रयास किया.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बड़े धमाके की आवाज़ सुनी गई जिससे जर्मन बेकरी का साइन-बोर्ड और शीशे टूट गए और दीवार में एक बड़ा छेद हो गया. एक घायल प्रत्यक्षदर्शी संतोष का कहना था, "मैंने ऊँची आवाज़ सुनी और धरती कांप गई. फिर मुझे कुछ पता नहीं कि क्या हुआ."

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री रमेश बागवे ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि मारे गए लोगों के शव इतने क्षत-विक्षत हैं कि उनकी नागरिकता के बारे में तुरंत बताना मुश्किल है.

'रेल स्टेशन, हवाई अड्डे हाई एलर्ट पर'

महत्वपू्र्ण है कि इस बेकरी-रेस्तरा के पास ही ओशो आश्रम और यहूदी केंद्र - कबाड हाउस स्थित हैं. मीडिया से बातचीत में गृह सचिव जीके पिल्ले ने कहा है, "कथित लश्करे तैबा कार्यकर्ता डेविड हेडली ने इस जगह (ओशो आश्रम) का ज़िक्र किया था और ये जानकारी महाराष्ट्र पुलिस को दी गई थी."

मीडिया से बातचीत में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा, "इस हमले के लिए कौन ज़िम्मेदार है, इस बारे में मैं किसी व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं लूँगा. हम फ़िलहाल इस बारे में किसी नतीजे पर नहीं पहुँचे हैं और जाँच चल रही है. ये बहुत ही भीषण धमाका था और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है."

उनका कहना था, "जहाँ-जहाँ कथित लश्करे तैबा कार्यकर्ता डेविड हैडली गए थे वहाँ सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. इस समय रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे हाई एलर्ट पर हैं...इस समय लोगों को संयम बरतना चाहिए और जब तक जाँच पूरी न हो जाए तब तक अटकलें नहीं लगानी चाहिए."

'निशाना भारतीय और विदेशी थे'

भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने तमिलनाडु में मीडिया से बताया, "ये दुखद घटना है. पिछले 14 महीनों में ये अहम आतंकवादी हमला है. मैं सबसे शांति बनाए रखने की अपील करता हूँ. मीडिया को अटकलें लगाने से परहेज़ करना चाहिए. आप से अनुरोध है कि जो आधिकारिक तौर पर बताया जा रहा है उसी पर भरोसा करें. हम हर चार-छह घंटे में आधिकारिक बयानों के ज़रिए जाँच के बारे में जानकारी देंगे."

चिदंबरम का कहना था कि जितनी जानकारी मिली है उसके मुताबिक धमाका भारतीयों और विदेशियों के निशाना बनाकर किया गया.

उनका कहना था, "घटनास्थल ओशो आश्रम और काबाड हाउस से कुछ ही दूरी पर है. हमने पहले ही राज्य सरकार को बता दिया था कि काबाड हाउस निशाने पर है. दिल्ली से फ़ोरेंज़िक विशेषज्ञ घटनास्थल पर पहुँच चुके हैं."

सोनिया ने दुख व्यक्त किया

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है. सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री अशोक चव्हान से फ़ोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हान ने हर मृतक के परिजनों के लिए एक लाख रुपए की आर्थिक मदद और गंभीर रूप से घायल के लिए 50 हज़ार रुपए की मदद देने की घोषणा की है.

उधर पुणे में रूबी और इनलैक्स बुद्धरानी अस्पतालों ने ब्लड ग्रुप एबी और बी-पॉज़िटिव के लिए अपील की है.

पुणे पुलिस ने घटना की जाँच शुरु कर दी है. पुणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सोनवाने के अनुसार फ़ॉरेंज़िक टीम घटनास्थल पर है.

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