अलीगढ़ विश्वविद्यालय में रीडर निलंबित

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (साभार- एएमयू वेबसाइट)
Image caption विश्वविद्यालय प्रशासन रीडर के निलंबन को सही ठहरा रहा है

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एक रीडर के ख़िलाफ़ बुरे आचरण के आरोप लगने के बाद उन्हें निलंबित किया गया है. लेकिन उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया है और इसे सुनियोजित साज़िश बताया है.

एएमयू में आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के चैयरमेन डॉक्टर श्रीनिवास रामचंद्र सिरस के निलंबन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.

आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के चैयरमेन और मराठी भाषा के रीडर रामचंद्र सिरस पर समलैंगिक संबंध बनाने के आरोप लगने के बाद उन्हें 10 फ़रवरी को विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबित कर दिया.

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी राहत अबरार ने रामचंद्र सिरस के निलंबन के बारे में कहा, "नौ फ़रवरी को विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत मिली थी कि रामचंद्र सिरस किसी ऐसी गतिविधि में शामिल हैं जो विश्वविद्यालय की गरिमा, प्रतिष्ठा और मूल्यों के ख़िलाफ़ है. साथ ही ये शिक्षक की गरिमा के भी विरुद्ध है."

'ये साज़िश है'

राहत अबरार का कहना है कि उक्त शिकायत की प्राथमिक जाँच के आधार उन्हें निलंबित किया गया लेकिन अंतिम फ़ैसला डॉक्टर सिरस के जवाब के बाद ही लिया जाएगा.

मीडिया में छपी रिपोर्टों का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी से पूछा गया कि किसी वयस्क के साथ रज़ामंदी से यदि कोई समलैंगिक संबंध स्थापित करता है तो भारतीय क़ानून उसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखता है, तो विश्वविद्यालय का इस बारे में क्या रवैया है?

उनका कहना था, "विश्वविद्यालय रामचंद्र सिरस को जल्द ही चार्जशीट दे देगी और जब उनकी ओर से जवाब आ जाएगा उसके बाद ही अंतिम फ़ैसला लिया जाएगा....विश्वविद्यालय प्रशासन (समलैंगिकों के बारे में) अदालत के फ़ैसले का सम्मान करता है."

भारत में एक अदालती फ़ैसले के बाद अब स्वेच्छा से वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध अपराध की श्रेणी में नहीं आते हैं.

उधर रामचंद्र सिरस ने आरोपों का खंडन करते हुए पूरे मामले को साज़िश क़रार दिया और कहा है कि वो अपनी अगली रणनीति जल्द ही तैय कर लेंगे. उन्होंने इशारा दिया कि वो विश्वविद्यालय के फ़ैसले को अदालत में चुनौती देंगे और इस सिलसिले में क़ानून के जानकारों से बातचीत और सलाह-मशविरा कर रहे हैं.

उनका कहना था, "मुझे फंसाया गया है, क्योंकि कुछ लोग मुझे आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के चैयरमेन के पद से हटाना चाहते हैं, इसलिए एक स्टिंग ऑपरेशन कराया गया है. प्रशासन से मिले हुए कुछ युवकों ने उनके घर में घुस कर स्टिंग किया और ज़बरदस्ती समलैंगिक मामलों को प्रोक्टर के सामने स्वीकार कराया."

सिरस ने बताया कि उनकी उम्र 64 साल हो गई है और जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे उनकी क्षमता के बाहर हैं.

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