विश्वविद्यालय में नक्सलियों की पैठ से इनकार

  • 21 फरवरी 2010
आंदोलन
Image caption आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हिंसक आंदोलन शुरु हो गया है.

तेलंगाना आंदोलन का केंद्र बने उस्मानिया विश्वविद्यालय के कुलपति ने कैंपस में माओवादियों के घुसने की ख़बरों का खंडन किया है.

इस बीच शनिवार को आंदोलन के दौरान आत्मदाह करने वाले छात्र की मौत से कई और जगह हिंसा भड़क गई है.

आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में उस्मानिया विश्वविद्यालय के कुलपति तिरुपति राव ने कैंपस में माओवादियों के घुस जाने का कड़े शब्दों में खंडन किया.

उन्होंने कहा, "यहां कोई नक्सली नहीं है, सब छात्र हैं. हो सकता है कुछ ऐसे छात्र रह रहे हों जो यहां नहीं पढ़ते. लेकिन ये सामान्य बात है. कुछ ग़रीब बच्चे यहां टिक जाते हैं."

राव ने कहा कि इसके बावजूद एहतियाती तौर पर छात्रों से कह दिया गया है कि वे बाहरी लोगों को छात्रावास से निकाल दें.

यह विश्वविद्यालय अलग तेलंगाना राज्य की माँग पर हो रहे आंदोलन के केंद्र में रहा है. यहां के छात्रों ने शनिवार को भी उग्र प्रदर्शन किए.

इसे देखते हुए सरकार ने 11 सदस्यों वाली शांति समिति बनाई है. इसमें छात्र प्रतिनिधि, शिक्षक और पुलिस अधिकारी शामिल हैं.

रविवार को इसकी पहली बैठक हुई जिसमें तिरुपति राव ने कहा कि पुलिस बिना पूर्व अनुमति के कैंपस में न आए.

हिंसा फैली

इस बीच आत्मदाह की कोशिश के बाद अस्पताल में दम तोड़ने वाले छात्र का अंतिम संस्कार हो गया है.

Image caption कई जगहों पर रविवार को तोड़-फोड़ हुई.

कुछ कांग्रेसी नेताओं ने इस अवसर पर वहां जाने की कोशिश की लेकिन उन्हें रोक दिया गया.

पुलिस ने सुबह में ही अंतिम संस्कार कराने की कोशिश की लेकिन नहीं हो सका. फिर आम लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हुआ.

इस घटना के ख़िलाफ़ तेलंगाना के अन्य हिस्सों में उग्र प्रदर्शन हुए हैं और लोगों का गुस्सा जनप्रतिनिधियों पर फूटा है.

मेडक ज़िले के ज़हीराबाद में स्थानीय विधायक और मंत्री गीता रेड्डी को भाषण देने से रोक दिया गया.

निजामाबाद में तुलूगुदेशम पार्टी के विधायक गम्पा गवर्धन के घर का घेराव किया और तेलंगाना के पक्ष में उनके त्यागपत्र की माँग की.

नालगोंडा ज़िले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक जे रंगा रेड्डी की कार पर पथराव किया गया. शीशे टूट गए और उन्हें भी चोटें आई हैं.

भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. बुनियादी तौर पर सीपीएम अलग राज्य के पक्ष में नहीं है.

महबूबनगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और स्थानीय विधायक दयाकर रेड्डी में झड़प हुई और उन्हें कमरे में बंद कर दिया गया.

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