सरकार का दावा: दिल्ली सुरक्षित

  • 22 फरवरी 2010
Image caption भारत बाहर से आनेवाले खिलाड़ियों को सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त करने की कोशिश कर रहा है.

भारत सरकार ने जहां राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली में पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया है वहीं दूरदराज़ के इलाकों में चरमपंथी हमलों की आशंका से इंकार नहीं किया है.

सोमवार को दिल्ली में विदेशी संवाददाताओं के क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए गृहसचिव जी के पिल्लई ने राष्ट्रमंडल देशों को दिल्ली में सुरक्षा प्रबंधो के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त करने की कोशिश की.

उनका कहना था कि दिल्ली में सुरक्षा के पुख़्ता प्रबंध किए जा रहे हैं और इसमें दूसरे देशों की सुरक्षा एजेंसियों की भी सलाह ली जा रही है.

Image caption गृहसचिव ने कहा है कि सुरक्षा मामले पर दूसरे देशों की सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर भी काम हो रहा है.

गृहसचिव का कहना था कि ब्रिटेन, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान की सुरक्षा टीमें यहां की व्यवस्था का जायज़ा ले चुकी हैं और उनकी तरफ़ से जो सलाह मिली है उनपर भी काम हो रहा है.

दिल्ली में फ़रवरी में शुरू हो रहे विश्व कप हॉकी के बारे में उन्होंने कहा कि सुरक्षा तैयारियां पूरी हैं और किसी स्टेडियम पर हमले की कोई ख़ुफ़िया जानकारी नहीं है.

लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि दूरदराज़ के इलाकों में बम धमाकों की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने मिसाल के तौर पर गोरखपुर का नाम लिया.

पुणे में हुए बम धमाके के संदर्भ में बात करते हुए गृहसचिव का कहना था कि एक हफ़्ते के बाद वो ये कह पाने की स्थिति में होंगे कि इसमें किसका हाथ था.

इस संवाददता सम्मेलन में गृह सचिव के साथ दिल्ली के पुलिस कमिश्नर वाई एस डडवाल, स्पेशल कमिश्नर नीरज कुमार और खेल सचिव सिंधुश्री खुल्लर ने भी भाग लिया.

दिल्ली पुलिस कमिश्नर वाई एस डडवाल ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान ट्रैफ़िक पर दबाव कम करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखा जाएगा.

उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग से भी अनुरोध किया जा रहा है कि उद्घघाटन और समापन समारोह के दौरान दुकानें बंद रखें.

दिल्ली से भिखारियों को बाहर भेजने के सवाल पर गृहसचिव ने कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है.

उनका कहना था, ``हमारी सरकार एक मानवीय सरकार है. हम वो नहीं कर सकते जो चीन ने किया.’’

संबंधित समाचार