वसुंधरा ने दिया इस्तीफ़ा

वसुंधरा राजे
Image caption वसुंधरा राजे ने विपक्ष के नेता पद से भी इस्तीफ़ा दिया

राजस्थान विधानसभा में विपक्ष की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अख़िरकार सोमवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने पिछले साल राजस्थान के चुनाव में पार्टी के ख़राब प्रदर्शन के कारण वसुंधरा राजे को त्यागपत्र देने का आदेश दिया था.

वसुंधरा राजे ने पार्टी को अपना इस्तीफ़ा सौंप भी दिया था लेकिन वो क़ानूनी तौर पर विपक्ष की नेता बनी रही.

इस बीच उनके समर्थकों ने भाजपा के इस निर्णय को अनुचित क़रार देते हुए प्रदर्शन किए और विरोध प्रकट करने के लिए दिल्ली तक गए.

यहां तक कि वसुंधरा राजे ख़ुद भी रोड शो करती हुई दिल्ली तक गईं और ये साबित करने की कोशिश की कि उनका व्यापक जनाधार बरक़रार है.

उधर पार्टी का कहना है कि जल्द ही उनकी जगह पर राजस्थान में नए नेता का चुनाव होगा.

अतंर्कलह

भाजपा में ये अंतर्कलह तब सामने आया जब भाजपा नेतृत्व ने पहले विधानसभा और फिर लोक सभा चुनावों में पार्टी के ख़राब प्रदर्शन को लेकर वसुंधरा राजे से राजस्थान का नेतृत्व छोड़ने को कहा था.

हाल में पार्टी और वसुंधरा राजे के बीच की दूरियां स्पष्ट तौर पर नज़र आईं.

वसुंधरा राजे हाल में हुई भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेने इंदौर भी नहीं गई थीं.

हाल के वर्षो में ये पहला मौक़ा है जब भाजपा के किसी प्रांतीय क्षत्रप ने केंद्रीय नेतृत्व की आज्ञा के पालन से इनकार कर दिया हो और आलाकमान कुछ नहीं कर पाया हो.

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