संघर्षविराम के प्रस्ताव के बाद हमला

सुरक्षा बल
Image caption नक्सलियों के प्रस्ताव के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो सकती है.

सोमवार को सरकार के समक्ष 72 दिन के संघर्षविराम की पेशकश के बाद नक्सलियों ने पश्चिम बंगाल में हमला किया लेकिन इसमें तीन माओवादियों की मौत हो गई है.

पुलिस ने बताया कि माओवादियों ने लालगढ़ के पास नरछा गांव में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल की चौकी पर हमला किया जिसमें नक्सली मारे गए.

पश्चिम बंगाल के पुलिस अधीक्षक मनोज वर्मा ने बीबीसी को बताया कि सीआरपीएफ के कैंप के बाहर तीन लाशें मिली हैं.

वर्मा ने कहा, ‘‘ दो लाशें ले जाई गई हैं. गांववालों का कहना है कि माओवादी अपने साथियों को ले गए जो मारे गए थे.’’

मारे गए लोगों में से एक की पहचान नक्सलियों के बड़े नेता लालमोहन टुडू के रुप में की गई है.

उल्लेखनीय है कि माओवादियों के सैन्य प्रमुख किशनजी ने बीबीसी से कहा था कि सरकार के साथ संघर्षविराम अगले हफ्ते से शुरु होगा.

भारत के गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि वो पहले यह देखना चाहेंगे कि माओवादी युद्धविराम के प्रति कितने गंभीर हैं.

किशनजी ने 25 फरवरी से 7 मई तक युद्धविराम की घोषणा की है.उन्होंने बीबीसी से कहा, ‘‘ हमें पहले युद्धविराम करने दीजिए ताकि मार काट रुके. उसके बाद हम देखेंगे कि हम सार्थक बातचीत कर सकते हैं या नहीं.’’

इससे पहले गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि माओवादी अगर हिंसा रोकें तो सरकार बातचीत के लिए तैयार है.

उनका कहना था, ‘‘उन्हें न तो अपने हथियार डालने की ज़रुरत है और न ही सेना को ख़त्म करने की. वो हिंसा रोकें तो बातचीत हो सकती है. ’’

ऐसा माना जाता है कि एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री माओवादियों के साथ गुप्त वार्ताएं कर रहे हैं. गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार रेल मंत्री ममता बनर्जी ये बातचीत कर रही हैं.

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