शशि थरूर के बयान से बवाल

Image caption शशि थरूर अपने बयानों से कई बार विवादों में फंस चुके हैं

भारत के विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर के एक और बयान ने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है.

शशि थरूर ने कहा,''पाकिस्तान के क़रीब होने के कारण सऊदी अरब भारत-पाक के बीच उपयोगी माध्यम हो सकता है.''

बाद में उन्होंने इस पर सफाई पेश की कि उनका आशय ये नहीं था, लेकिन तब तक तीर निकल चुका था.

भारतीय जनता पार्टी ने उनके इस बयान पर स्पष्टीकरण माँगा है और कहा कि वो इस मुद्दे को संसद में उठाएगी.

भाजपा नेता राजीव प्रताप रूढी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री से जानना चाहेगी कि भारत की नीति में कोई परिवर्तन हुआ है.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ सऊदी अरब की यात्रा पर गए शशि थरूर ने कहा कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच काफ़ी नजदीकी संबंध हैं जिसकी वजह से सऊदी अरब हमारे लिए अहम हो जाता है.

उनसे पूछा गया कि क्या भारत पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए सऊदी अरब की मदद लेगा.

इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सऊदी अरब भारत के लिए उपयोगी माध्यम साबित हो सकता है.

साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आतंकवाद के मुद्दे पर सऊदी अरब के साथ सकारात्मक बातचीत होगी.

ग़ौरतलब है कि अभी तक भारत स्पष्ट करता आया है कि उसे पाकिस्तान के साथ बातचीत में किसी तीसरे देश की कोई की भूमिका स्वीकार नहीं होगी.

हाल में पाकिस्तान ने चीन की मध्यस्थता की बात कही थी लेकिन उसे भारत ने ठुकरा दिया था.

उल्लेखनीय है कि रिश्तों को विस्तार देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सऊदी अरब की यात्रा पर हैं.

1982 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सऊदी अरब की यात्रा के बाद पिछले 28 वर्षों में वहां जाने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री हैं.

तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वे प्रत्यर्पण सहित 11 समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

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