पाक के साथ नया अध्याय शुरू कर सकते हैं: मनमोहन

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
Image caption भारत के किसी प्रधानमंत्री ने 28 साल बाद सऊदी अरब की यात्रा की है

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा है कि यदि पाकिस्तान आंतकवाद के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई करे तो भारत पाकिस्तान के साथ एक क़दम आगे बढ़कर रिश्तों का नया अध्याय शुरू करने को तैयार है.

सऊदी अरब की सलाहकार परिषद, मजलिसे शूरा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ सहयोग का रिश्ता और स्थाई रूप से शांति चाहता है क्योंकि दोनों देश एक डोर से बंधे हैं.

मनमोहन सिंह का कहना था,''हम पाकिस्तान के साथ सहयोगपूर्ण रिश्ते चाहते हैं. हमारा मकसद स्थाई शांति स्थापित करना है क्योंकि हम भविष्य की डोर से बंधे हुए हैं. यदि भारत और पाकिस्तान के बीच सहयोग स्थापित होता है तो कारोबार, पर्यटन और विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इससे दोनों देशों और पूरे दक्षिण एशिया में खुशहाली आएगी.''

साथ ही मनमोहन सिंह ने कहा है कि इसके लिए ज़रूरी है कि पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई करे.

रणनीतिक सहयोगी

मनमोहन सिंह का कहना था कि वो सऊदी अरब को भारत का रणनीतिक सहयोगी मानते हैं जिसकी भूमिका शांति कायम करने, स्थिरता बनाने और आर्थिक विकास में मदद करने के लिए अहम है.

इसके पहले मनमोहन सिंह की सऊदी अरब यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि समेत व्यापार, विज्ञान-तकनीक, संस्कृति सहित 10 क्षेत्रों में समझौते किए.

मनमोहन सिंह और सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला बिन अब्दुल अज़ीज ने रियाद घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं.

ताज़ा समझौतों के अनुसार सऊदी अरब भारत को दिए जाने वाले कच्चे तेल के निर्यात की मात्रा 2.55 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़ाकर 4.0 करोड़ मीट्रिक टन कर देगा.

ग़ौरतलब है कि 1982 में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सऊदी अरब की यात्रा के 28 वर्ष बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री सऊदी अरब का दौरा कर रहा है.

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