केंद्र-नगा वार्ता आज दिल्ली में

मुइवा
Image caption मइवा केंद्र पर मुद्दे को टालने का आरोप लगा चुके हैं

केंद्र सरकार और नगा विद्रोहियों के बीच वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए दोनों पक्ष मंगलवार को एक बार फिर दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं.

नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नगालिम (इसाक-मुइवा) यानी एनएससीएन (आईएम) के नेता टी मुइवा दिल्ली में हैं.

उनकी मुलाक़ात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री पी चिदंबरम से होनी है.

पहले कहा गया था कि एनएससीएन (आईएम) चेयरमैन इसाक चिशी स्वू भी इस चर्चा में हिस्सा लेंगे.

एनएससीएन (आईएम) के नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार शांति वार्ता की आड़ में फ़ैसला टालती जा रही है.

वे मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों को मिलाकर 'वृहत नगालैंड' के निर्माण और नगालैंड के लिए स्वायत्तता की माँग भी कर रहे हैं.

वृहत नगालैंड की माँग का असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश विरोध कर रहे हैं.

केंद्र सरकार कह चुकी है कि पूरी वार्ता का दायरा भारतीय संविधान से बाहर नहीं है.

पुरानी समस्या

दशकों पुरानी अलगाववाद की समस्या के निपटारे के लिए दोनों पक्ष पिछले एक दशक में 50 से अधिक बार मिले चुके हैं लेकिन इसका समाधान नहीं निकल सका है.

भारत सरकार और एनएससीएन (आईएम) के बीच 1997 में युद्धविराम हुआ था और तब से शांति प्रक्रिया जारी है. हालांकि इसमें कई बार गंभीर मतभेद भी उभरे हैं.

नगालैंड के कुछ संगठनों ने 50 साल पहले नगालैंड को स्वतंत्र घोषित कर दिया था.

लेकिन भारत सरकार ने इस क़दम को अपनी मान्यता नहीं दी थी और तब से इलाक़े में संघर्ष होता रहा है.

भारतीय सुरक्षा बलों और अलगाववादी गुटों के बीच युद्धविराम से पहले हुए संघर्षों में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

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