आश्रम का गेट गिरा, मची भगदड़, 63 मरे

Image caption कृपालुजी महाराज के आश्रम में मची भगदड़ में अनेक लोग मारे गए हैं

पुलिस का कहना है कि उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में कृपालुजी महाराज के आश्रम का गेट गिरने से मची भगदड़ में 63 लोगों की मौत हो गई है और सौ से अधिक लोग घायल हो गए हैं.

मरने वालों में 37 बच्चे और 26 महिलाएँ हैं.

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने बताया कि मौतें आश्रम का गेट गिरने से मची भगदड़ से हुईं हैं.

ख़बरें हैं कि कृपालुजी महाराज की पत्नी की बरसी का भंडारा प्रतापगढ़ ज़िले के कुंडा स्थित आश्रम में था जिसमें बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे.

कृपालुजी महाराज की पत्नी का पिछली साल निधन हुआ था और उनकी बरसी के मौक़े पर लोगों को सामान वितरित किया जा रहा था.

प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक महेश कुमार शर्मा का कहना था कि घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि गंभीर लोगों को इलाहाबाद भेजा गया है.

प्रतापगढ ज़िला मुख्यालय से 75 किलोमीटर दूर मनगढ़ में संत कृपालु महाराज का आश्रम है.

आश्रम में रामजानकी मंदिर है जिसका विशाल मुख्य गेट बनाया जा रहा था.

जांच के आदेश

लेकिन बरसी के मौक़े पर थाली, लौटा बांटने के दौरान आश्रम का निर्माणाधीन गेट गिर गया और कुछ लोगों की मौत हो गई और जबकि इसके बाद मची भगदड़ की चपेट में और लोग आ गए.

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने स्थानीय प्रशासन को इस भगदड़ के लिए आपराधिक मामला दर्ज करने को कहा है.

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद के आयुक्त से जाँच का आदेश भी दिया है.

मुख्यमंत्री मायावती ने मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.

उत्तर प्रदेश के दो वरिष्ठ मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर घटनास्थल का दौरा किया.

विपक्षी समाजवादी पार्टी के नेता रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया भी घटनास्थल पर गए.

लोक सभा में भी पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और कांग्रेस की सांसद रत्ना सिंह ने ये मामला उठाया.

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