मंदिर के भगदड़ पीड़ितों के लिए पैसे नहीं

मायावती
Image caption मायावती के अनुसार उत्तर प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट में है

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती का कहना है कि उनका राज्य 'आर्थिक संकट' का सामना कर रहा है इसलिए सरकार प्रतापगढ़ में मची भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों या घायलों को मुआवज़ा नहीं दे सकती है.

सरकार की ओर से जारी एक प्रेस बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से खुले दिन से मुआवज़ा देने की अपील की है.

गुरुवार को प्रतापगढ़ ज़िले के कृपालुजी महाराज के आश्रम में मची भगदड़ में 63 लोगों की मृत्यु हो गई थी और अनेक लोग घायल हुए थे. इसके बाद पुलिस ने मंदिर प्रबंधन के ख़िलाफ़ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज किया था.

समाचार एजेंसियों के अनुसार मुख्यमंत्री मायावती ने कहा, "राज्य को गंभीर आर्थिक संकट का सामना है, इसके मद्देनज़र मैं केंद्र सरकार से अपील करती हूँ कि वो इस दुखद हादसे में मारे जाने वालों के परिजनों और घायलों को खुले दिन से मुआवज़ा देकर उदारता का परिचय दे."

पहले केंद्र नहीं तो राज्य

प्रेस बयान में आगे कहा गया है, "अगर केंद्र सरकार मुआवजा़ देने में अपनी असमर्थता जातती है तब राज्य सरकार अपने संसाधनों से इस काम के लिए कोश इकट्ठा करेगी."

शुक्रवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री ने इस हादसे में मारे जाने वालों के परिजनों और घायलों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोश के तहत मुआवाजे़ की घोषणा की थी.

मनमोहन सिंह ने लोकसभा में कहा, "हमने फ़ैसला किया है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोश के तहत मारे जाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए जबकि बुरी तरह से घायलों को 50-50 हज़ार रुपए बतौर मुआवज़ा दिए जाए."

मायावती का कहना है कि केंद्र राज्यों को कभी भी मानवीय अपदाओं के लिए धन मुहैया नहीं कराता, बल्कि वो केवल प्राकृतिक आपदाओं के लिए धन देती है.

उन्होंने सफ़ाई देते हुए कहा है, "इसलिए मैंने अपनी पार्टी के सभी सांसदों से कहा है कि वो प्रधानमंत्री से मुआवज़े के लिए आग्रह करें और इस तरह के मानवीय त्रासदियों के लिए धन जुटाने के लिए एक केंद्रीय कोश के गठन की मांग करें."

हालाँकि उनका कहना था कि फ़िलाहल स्थानीय प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि सभी ज़रूरी सहायता जारी रखी जा सके.

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