आईआईएम के छात्रों पर पैसों की बौछार

  • 11 मार्च 2010
आईआईएम की बिल्डिंग
Image caption आईआईएम को दुनिया के बेहतरीन प्रबंधन संस्थानों में गिना जाता है

जब दुनिया अभी आर्थिक मंदी से उबरने की चर्चा ही कर रही है, भारत में परिदृश्य कुछ अलग नज़र आता है.

यहाँ भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) से इस साल पढ़कर निकले छात्रों पर इन दिनों देश-विदेश की कंपनियाँ पैसों की बौछार कर रही हैं.

सालाना वेतन का प्रस्ताव देने में इन कंपनियों ने इस साल पिछले साल के मुक़ाबले काफ़ी उदारता दिखाई है.

आईआईएम के परिसरों में हुए चयन (कैंपस प्लेसमेंट) में छात्रों को इस साल अब तक सबसे अधिक 1.6 करोड़ रुपए सालाना तक के वेतन का प्रस्ताव मिला है.

ख़ुद के व्यवसाय में दिलचस्पी घटी

इस साल बैंक और सलाह देने वाली कंपनियों ने सबसे अधिक छात्रों की नौकरियाँ दी हैं. इनके अलावा मोबाइल ऑपरेटर, मोबाइल, आईटी और उपभोक्ता उत्पादों (एफ़एमसीजी क्षेत्र) की कंपनियों ने भी बड़ी संख्या नौकरियों का प्रस्ताव दिया है.

वहीं कुछ छात्रों ने लाखों-करोड़ों रुपए की तनख्वाह छोड़कर अपना ख़ुद का व्यवसाय करने का फ़ैसला किया है.

लेकिन ऐसा करने वाले संख्या में गिरावट भी देखी गई है.

आईआईएम अहमदाबाद में पिछले साल जहाँ 11 छात्रों ने अपना ख़ुद का काम करने का रास्ता चुना था वहीं इस साल इनकी संख्या गिरकर केवल पाँच रह गई है.

पिछले साल 2009 में जब पुरी दुनिया में मंदी का मार थी ऐसे में भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) ने बढ़-चढ़कर छात्रों का चयन किया था वहीं इस साल जब दुनिया आर्थिक मंदी से उबरती दिखाई दे रही है तो पीएसयू ने कम छात्रों को नौकरियाँ दीं.

इस साल आईआईएम कोलकाता और अहमदाबाद के दो छात्रों को सबसे अधिक 1.6 करोड़ रुपए सालना की नौकरी का प्रस्ताव मिला है.

आईआईएम कोलकाता के एक छात्र को दक्षिण-पूर्व एशिया के एक प्रमुख बैंक ने एक करोड़ साठ लाख रुपए सालाना के वेतन का प्रस्ताव दिया है. वहीं इसके दो अन्य छात्रों को एक करोड़ रूपए प्रति साल तक का प्रस्ताव मिला है.

इन दोनों ही संस्थानों ने जिन छात्रों को यह प्रस्ताव मिला है, उनके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है.

हालांकि एक करोड़ 60 लाख रुपए सालाना वेतन का प्रस्ताव 2009 से अधिक और 2008 में मिले दो करोड़ 14 लाख से अधिक के प्रस्ताव से काफी कम है.

लखनऊ, कोलकाता, इंदौर, अहमदाबाद और बैंगलोर पुराने आईआईएम हैं, सरकार ने बाद में कोझिकोड, शिमला और रांची में भी आईआईएम की स्थापना की है.

आईआईएम का दुनियाभर में काफी नाम है और इन संस्थानों से पढ़कर निकलने वाले छात्रों को दुनिया भर की कंपनियाँ हाथों-हाथ ले लेती हैं.

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