नलिनी मामले पर सुनवाई

नलिनी
Image caption नलिनी को पहले मौत की सज़ा सुनाई गई थी

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई नलिनी श्रीहरन की जल्द रिहाई के मामले पर आज मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई होगी.

तमिलनाडु की सरकार नलिनी की रिहाई की अपील पर जेल सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी.

नलिनी इस समय राजीव गांधी हत्याकांड के मामले में वेल्लोर जेल में आजीवन कारावास की सज़ा भुगत रही हैं.

नलिनी को इस मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में इसे आजीवन कारावास में बदल दिया गया.

नलिनी के वकील एम राधाकृष्णन ने चेन्नई में पत्रकारों को बताया कि सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट पर अदालत राज्य सरकार से कह सकती है कि वह नलिनी के मामले पर फ़ैसला करे या ये भी हो सकता है कि अदालत राज्य सरकार को कहे कि वह केंद्र सरकार से सलाह ले.

तमिलनाडु की द्रमुक सरकार केंद्र की सरकार में भागीदार है और वह पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह केंद्र से सलाह के बाद ही नलिनी के भविष्य पर कोई फ़ैसला करेगी.

मांग

पिछले साल सितंबर में अपनी रिहाई की मांग करते हुए नलिनी ने भूख हड़ताल भी की थी और मद्रास हाई कोर्ट से रिहाई की अपील की थी.

नलिनी ने वर्ष 2007 में भी अपनी रिहाई की मांग की थी लेकिन उस समय सलाहकार बोर्ड ने इसे नामंज़ूर कर दिया था.

नलिनी की रिहाई के मामले ने उस समय और ज़ोर पकड़ा जब राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी ने गुप्त रूप से नलिनी से मुलाक़ात की और बाद में मीडिया से कहा कि उन्होंने नलिनी को माफ़ कर दिया है.

21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बदूर में राजीव गांधी की आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी. उसी साल नलिनी को गिरफ़्तार किया गया था. वर्ष 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी को मौत की सज़ा सुनाई.

संबंधित समाचार