माया की माला लीक करने वाले की छुट्टी

मायावती
Image caption मायावती को दोबारा रुपयों की माला पहनाई गई

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की महारैली में मायावती को पहनाई गई नोटों की माला की बात मीडिया में लीक करने वाले वाईएन शर्मा को पार्टी से निकाल दिया गया है.

बुधवार को बहुजन समाज पार्टी की एक बैठक में पार्टी की अंदरूनी बात को लीक करने के आरोप में बहुजन समाज पार्टी के कर्नाटक के सचिव वाईएन शर्मा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया.

बैठक में मायावती ने अपने सभी मंत्रियों और सांसदों को सख्त हिदायत दी कि पार्टी के अंदर की कोई बात बाहर नहीं जानी चाहिए और पार्टी के सभी लोग मीडिया से एकदम सावधान रहें.

रैली के बाद वाईएन शर्मा ने सबसे पहले इस बात की पुष्टि की थी कि मायावती ने जो माला पहनी है, उसकी कीमत 20 लाख रुपए की है.

हालांकि शर्मा ने पहले बताया था कि ये माला मैसूर से मंगाए गए विशेष फूलों से तैयार की गई है लेकिन बाद में उन्होंने माला को नोटों की माला बताया.

साथ ही उन्होंने ये भी स्वीकार किया था कि इसमें एक-एक हजार के नोट लगे हैं.

एक और माला

इधर उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को बुधवार को एक और माला पहनाई गई.

साथ ही बहुजन समाज पार्टी ने कहा है कि विपक्ष इस मुद्दे को बेवजह उठा रहा है.

पार्टी ने कहा है कि देश में नेताओं को पैसा देने या उन्हें पैसों से तौलने का बहुत पुराना रिवाज है और यह हर राजनीतिक दलों में होता आया है.

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बयान में कहा, ''नेताओं को रुपयों की माला पहनाना, सोने या चाँदी के मुकुट देना और पार्टी कोष के लिए उन्हें सिक्कों से तौलने की पुरानी परंपरा है. ऐसा सभी पार्टियों में बहुत पहले से होता आया है.''

उन्होंने कहा कि बसपा नियमित रूप से आयकर रिर्टन दाखिल करती है.

इस बीच मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य सरकार के मंत्रियों और बसपा के सांसदों की बैठक बुलाई है. इसमें पार्टी के विधायकों और संयोजकों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है.

बैठक में अन्य मामलों के साथ-साथ माला प्रकरण पर भी चर्चा होने की संभावना है.

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