एनडी तिवारी को एक और झटका

  • 17 मार्च 2010
नारायण दत्त तिवारी
Image caption रोहित शेखर का कहना है कि नारायण दत्त तिवारी उनके पिता हैं

पहले से ही विवादों में फँसे आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी को एक और झटका लगा है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी अपील ख़ारिज करते हुए अपने को नारायण दत्त तिवारी का बेटा कहने वाले रोहित शेखर की याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है.

जस्टिस विक्रमजीत सेन की अगुआई वाली खंडपीठ ने यह फ़ैसला किया है.

84 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नारायण दत्त तिवारी ने अपनी अपील में कहा था कि याचिकाकर्ता के पैदा होने के 31 साल बाद ये याचिका दाखिल की गई है और इसलिए इसे ख़ारिज कर दिया जाना चाहिए.

पिछले साल नवंबर में रोहित शेखर की याचिका इसलिए ख़ारिज हो गई थी क्योंकि अदालत का कहना था कि नारायण दत्त तिवारी आंध्र प्रदेश के राज्यपाल हैं और हैदराबाद में रहते हैं इसलिए इस याचिका की सुनवाई दिल्ली में नहीं हो सकती.

खंडपीठ ने इस मामले में सभी संबंधित पक्षों को सात अप्रैल को अदालत के सामने पेश होने को कहा है.

दावा

रोहित शेखर ने अपनी याचिका में कहा है कि नारायण दत्त तिवारी के उनकी माँ के साथ गहरे ताल्लुक़ात रहे थे और उन्होंने उनकी माँ से वादा किया था कि वो उनसे शादी करेंगे लेकिन वो अपने वादे से मुकर गए.

रोहित शेखर का दावा है कि वो अपनी माँ उज्ज्वला शर्मा और नारायण दत्त तिवारी के क़रीबी रिश्ते के परिणाम हैं लेकिन नारायण दत्त तिवारी ने हमेशा ही इसका खंडन किया है.

पिछले साल दिसंबर में नारायण दत्त तिवारी को एक वीडियो टेप के विवाद की वजह से आंध्र प्रदेश का राज्यपाल पद छोड़ना पड़ा था.

इस टेप में एक वृद्ध व्यक्ति को तीन महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया गया था. टेलीविज़न चैनल ने दावा किया था कि वो व्यक्ति तिवारी हैं.

नारायण दत्त तिवारी ने इस पूरे मामले को आधारहीन और अपने खिलाफ़ साजिश बताया था लेकिन उन्होंने राज्यपाल के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार