माओवादी नेता लापता, पुलिस पर आरोप

माओवादी
Image caption माओवादी ने बदले की कार्रवाई की धमकी दी है

भारत के सबसे बड़े नक्सलवादी संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने कहा है कि उसके सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक आज़ाद उर्फ़ चेरुकुरी राजकुमार पिछले नौ दिनों से लापता है.

पार्टी ने आशंका व्यक्त की है कि वे आंध्र प्रदेश पुलिस के ख़ुफ़िया विभाग विशेष ख़ुफ़िया ब्यूरो की हिरासत में हैं और उन्हें कभी भी मारा जा सकता है. सीपीआई माओवादी ने यह दावा एक ऐसे समय किया है जब एक सप्ताह पहले ही आंध्र प्रदेश की पुलिस ने उसके दो बड़े नेताओं शकामुरी अप्पा राव और एस कोंडल रेड्डी उर्फ़ टेक रमन्ना को मार दिया था.

पुलिस का कहना था कि दोनों अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए थे लेकिन माओवादियों का कहना है की उन्हें पकड़ने के बाद पुलिस ने गोली मार दी और उसे मुठभेड़ का नाम दिया गया. दंडकारण्य स्पेशल ज़ोन समिति के प्रवक्ता गुड्स उसेंडी ने कहा है कि आज़ाद को भी उसी दिन यानी 11 मार्च को पकड़ा गया जब अप्पा राव और कोंडल रेड्डी को पकड़ा गया था.

उन्होंने फ़ोन पर बीबीसी से कहा कि पुलिस ने अप्पा राव और कोंडल रेड्डी को तो मार दिया लेकिन आज़ाद की गिरफ़्तारी की घोषणा नहीं की गई और उन्हें गुप्त स्थान पर रख कर यातनाएं दी जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि आज़ाद को मार डालने की योजना बनाई जा रही है.

चेतावनी

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज़ाद को तुरंत अदालत में पेश नहीं किया गया और उन्हें कोई हानि पहुँची, तो इसके लिए यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गाँधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री चिदंबरम ज़िम्मेदार होंगे और पीपुल्स गुरिल्ला आर्मी इसके विरुद्ध कार्रवाई करेगी. उसेंडी ने कहा कि 11 मार्च को आज़ाद अप्पा राव से मिलने वाले थे. इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट आज़ाद वर्षों से माओवादी आंदोलन का हिस्सा हैं और उन्होंने संगठन में कई बड़ी ज़िम्मेदारियाँ संभाली हैं. इमरजेंसी में वे छात्र संगठन रैडिकल स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष थे.

उसेंडी का कहना था कि अगर आज़ाद हिरासत में न होते तो वे ज़रूर उनसे संपर्क करते. दो दिन पहले ही स्थानीय समाचार पत्रों में आज़ाद के नाम से एक वक्तव्य प्रकाशित हुआ था कि माओवादी अपने नेताओं की हत्या का बदला ज़रूर लेंगे.

उडेंसी ने कहा कि पुलिस यह जताने के लिए ऐसे वक्तव्य दे रही है कि आज़ाद उनकी हिरासत में नहीं है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीपीआई माओवादी की केंद्रीय समिति के कई सदस्यों मुरली, महेश, श्याम, चंद्रमौली और प्रसाद को राज्य और ज़िले स्तर के दूसरे नेताओं के साथ फ़र्जी मुठभेड़ों में मार चुकी है.

पुलिस का खंडन

लेकिन आंध्र प्रदेश पुलिस के महानिदेशक गिरीश कुमार ने माओवादियों के इस आरोप का खंडन किया है कि आज़ाद पुलिस की हिरासत में है.

Image caption माओवादियों के ख़िलाफ़ कई राज्यों में अभियान चल रहा है

उन्होंने कहा कि यह केवल अफ़वाह और अटकलें हैं. उन्होंने यह बात भी दोहराई कि अप्पा राव और कोंडल रेड्डी पुलिस के साथ झड़प में ही मारे गए थे. माओवादियों ने पहले ही आह्वान किया है कि उसके नेताओं को निशाना बनाए जाने के ख़िलाफ़ 22 और 23 मार्च को छह राज्यों में हड़ताल रखी जाई.

इनमें आंध्र प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और महराष्ट्र के तीन और मध्य प्रदेश के कई ज़िले शामिल हैं. इधर पुलिस के मुताबिक़ शुक्रवार को एक और घटना में खम्मम ज़िले में पुलिस के साथ झड़प में दो माओवादी मारे गए हैं.

लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी है. उनके पास से दो बंदूकें मिली हैं.

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