हेडली से पूछताछ का मौका मिलेगा

  • 20 मार्च 2010
हेडली
Image caption हेडली ने कोर्ट में अपने अपराध क़बूल कर लिए थे

अमरीका ने कहा है कि मुंबई हमलों में शामिल होने की बात कबूल कर चुके डेविड हेडली को भारत प्रत्यर्पित नहीं करेगा लेकिन भारतीय जांचकर्ताओं को उससे पूछताछ करने देगा.

अमरीका के दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लैक का कहना था कि भारतीय जांचकर्ताओं को हेडली से पूछताछ का मौका मिलेगा.

भारतीय उद्योग परिसंघ के एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में ब्लैक ने साफ किया कि हेडली का भारत प्रत्यर्पण नहीं किया जाएगा.

उनका कहना था, ‘‘हेडली के मामले में जो समझौता हुआ है उसकी हम घोषणा कर चुके हैं और उसके तहत हेडली को भारत, पाकिस्तान या डेनमार्क प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा. उसने अपना अपराध कबूल कर लिया है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि इसका यह अर्थ नहीं कि भविष्य में हेडली पर और आरोप नहीं लग सकते. मैं इसके बारे में कोई क़यास नहीं लगाना चाहता लेकिन इन आरोपों पर भी उन्हें प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा.’’

पाकिस्तानी मूल के हेडली ने अमरीकी अदालत में 12 आरोपों को क़बूल किया है जिसमें भारत में कई स्थानों पर बमबारी, हत्या करना, लश्करे तैबा को समर्थन देना और मुंबई में 26 नवंबर के हमलों में छह अमरीकी नागरिकों समेत 166 लोगों की हत्या भी शामिल है.

ब्लैक भारत के बाद अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान की यात्रा पर जा रहे हैं. ब्लैक का कहना था कि वो लश्कर के मामले में पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत करेंगे.

ब्लैक का कहना था कि अमरीका और भारत के लिए लश्करे तैबा की गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका बढ़ता प्रभाव गंभीर चिंता का विषय है.

इस बारे में पूछे जाने पर कि भारत में ऐसी अवधारणा है कि मुंबई मामले में अमरीका भारत के साथ सहयोग नहीं कर रहा है, ब्लैक का कहना था कि ऐसा बिल्कुल नहीं है और दोनों देशों के बीच ‘बेहतरीन सहयोग’ है.

पाकिस्तान को अमरीका से हथियारों की बिक्री के मामले में ब्लैक का कहना था कि वो इस बारे में भारत की चिंताओं से अवगत हैं और इस बारे में दोनों देशों के बीच अच्छी बातचीत हुई है.

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