पूरे परिवार के साथ आत्महत्या

किसान ( फाइल फोटो)
Image caption आत्महत्या से पूरा गाँव सदमे है.

जयपुर के निकट हरमाड़ा में एक किसान परिवार के सात सदस्यों ने गुरुवार की सुबह मौत को गले लगा लिया. बंसीधर चौधरी और उनकी पत्नी सीता ने ये क़दम क्यों उठाया, ये किसी को नहीं मालूम.

बंसीधर की उम्र क़रीब 40 वर्ष थी.

शुरुआती जाँच के बाद पुलिस इसे पारिवारिक कलह का नतीजा मान रही है. इस हादसे में बंसीधर और उनकी पत्नी के अलावा चार बेटियां और एक बेटा भी शामिल है.

पुलिस के मुताबिक पहले बंसीधर और उनकी पत्नी ने अपने सात वर्षीय बेटे बाबू और 13 वर्षीय बेटी बबली को ज़हर दिया. उसके बाद बंशीधर अपनी तीनों पुत्रियों को लेकर रेलगाड़ी के आगे कूद गए. पत्नी को छोड़ घटना स्थल पर ही पूरे परिवार की मौत हो गई. उनकी पत्नी सीता को घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया लेकिन उनकी भी मौत हो गई.

पुलिस को संदेह है कि ये लोग सामूहिक आत्महत्या का मन बना चुके थे.

थाने के अधिकारी धर्मवीर का कहना है. “ये पूरा मामला पारिवारिक कलह का लगता है. हम पूरे मामले की जाँच कर रहे है.”

पुलिस ने बताया कि दंपति ने पहले अपने बेटे बाबू और बेटी बबली को भोजन में ज़हर दिया फिर परिवार के बाकी लोग रेलवे पटरी की तरफ़ गए.

पुलिस मौक़े पर पहुंची तो बहुत ही दिल दहलाने वाला मंज़र था.वहां पुलिस को खून से लथपथ बंसीधर, सीता, तीन पुत्रियाँ-शरवनी, हंसा और काली मिले. इनमें सीता में ज़िंदगी बाकी बची थी. लेकिन अस्पताल लाते लाते वो भी चल बसी.

यूँ तो हरमाड़ा थाना जयपुर शहर का हिस्सा है, लेकिन उसके अंतर्गत कुछ गाँव भी आते है. बंसीधर अपने परिवार के साथ ऐसे ही एक गाँव में रहते थे.

उनके रिश्तेदार हैरान है कि आखिर बंसीधर ने ऐसा क़दम क्यों उठाया. इस ख़बर इलाक़े में आग की तरह फैली. एक ही परिवार के सात लोगों की मौत से पूरा गाँव गहरे सदमे में है और पूरे इलाक़े में शोक छा गया.

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