हैदराबाद में सांप्रदायिक हिंसा, 40 घायल

दो समुदायों के बीच संघर्ष भड़का

हैदराबाद में रविवार को भड़की सांप्रदायिक हिंसा में कम से कम 40 लोगों के घायल होने की ख़बरें हैं.

पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि अभी तक 70 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और पूरे हैदराबाद शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है.

पुराने हैदराबाद शहर में दो मस्जिदों पर हमला होने की ख़बरें हैं और एक गौशाला को जला दिया गया है.

शहर के कई इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान गश्त कर रहे हैं.

राज्य के मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति और सदभाव बनाए रखने की अपील की है.

हैदराबाद में वर्ष 1990 में आखिरी बार बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक तनाव देखने को मिला था और 20 बरस बाद फिर से एकबार पूरा शहर सांप्रदायिक तनाव झेलता नज़र आ रहा है.

हिंसा की वजह

हैदराबाद में हिंसा

जानकारी के मुताबिक तनाव शनिवार की शाम से शुरू हुआ जब पुराने हैदराबाद के एक हिस्से में धार्मिक झंडों को लेकर तनाव पैदा हो गया.

इस इलाके में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हरे रंग के कुछ धार्मिक झंडे जगह-जगह लगाए थे.

इन झंडों को हटाकर हिंदु समुदाय के कुछ लोगों ने हनुमान जयंती के मौके भगवा झंडे लगा दिए. इस बात पर दोनों समुदाय के लोगों के बीच तनाव पैदा हो गया.

दोनों ओर से पत्थरबाज़ी हुई और हिंसा भड़क उठी.

शनिवार तक यह स्थिति इतनी गंभीर नहीं थी पर रविवार को यह हिंसा पूरे इलाके में फैल गई. पुराने हैदराबाद का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया और देखते ही देखते दोनों समुदायों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गईं.

पुलिस कमिश्नर एके ख़ान ने कहा है कि हिंसा के पीछे जो लोग हैं, उन्हें पहचानने की कोशिश की जा रही है. हिंसा सुनियोजित तरीके से भड़काई गई है और माहौल ख़राब करने की कोशिश की गई है.

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