मोदी संबंधी रिपोर्ट 30 अप्रैल तक सौंपेगे: एसआईटी

नरेंद्र मोदी
Image caption नरेंद्र मोदी की दो बार विशेष जाँच दल के समक्ष पेश हुए

विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख आरके राघवन ने बीबीसी संवाददाता राजेश जोशी से विशेष बातचीत में कहा है कि गुलबर्ग सोसायटी दंगा मामले में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य की कथित भूमिका के संबंध में रिपोर्ट वो 30 अप्रैल तक सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश कर देंगे.

एक अन्य समाचार चैनल को साक्षात्मकार में उन्होंने कहा कि दंगे में मारे गए कांग्रेस के नेता एहसान जाफ़री की पत्नी ज़किया जाफ़री की शिकायत के आधार पर मोदी से पूछताछ की गई.

ग़ौरतलब है कि वर्ष 2002 में हुए गुजरात दंगों के सिलसिले में विशेष जाँच दल के सामने शनिवार को दो बार नरेंद्र मोदी पेश हुए और उनसे पूछताछ की गई.

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दूसरे दौर की पूछताछ लगभग चार घंटे चली और भारतीय समयानुसार रात क़रीब एक बजे समाप्त हुई.

बातचीत के बाद पत्रकारों से मुखातिब नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनसे कहा गया है कि उनका काम पूरा हो गया है. हालांकि उन्हें इस पूरी पूछताछ के सिलसिले में कुछ भी कहने का अधिकार नहीं है.

दूसरे दौर की बातचीत के लिए रात क़रीब नौ बजे मुख्यमंत्री मोदी एसआईटी के अहमदाबाद स्थित कार्यालय पहुँचे.

पहले दौर में उनसे पाँच घंटे तक पूछताछ हुई थी.

दो दौर की पूछताछ

पहले दौर की पूछताछ के बाद नरेंद्र मोदी ने बताया था कि एसआईटी ने उनसे 27 मार्च को मिलने के लिए चिट्ठी भेजी थी और इसलिए वे पेश हुए हैं.

मोदी ने कहा, "देश का संविधान और क़ानून सर्वोच्च है. नागरिक और मुख्यमंत्री होने के नाते मैं भारत के क़ानून से बंधा हुआ हूँ. आज मेरे आचरण ने भाँति-भाँति की बातें फैलाने वालों को करारा जवाब दे दिया है."

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति क़ानून से ऊपर नहीं हो सकता. आशा है कि लोग अब इस तरह की बातें बंद करेंगे.

मुख्यमंत्री मोदी ने कहा कि लोगों को भ्रम रहता है इसलिए वे स्पष्ट करना चाहते हैं कि एसआईटी सुप्रीम कोर्ट ने बनाई है और एसआईटी में गुजरात का कोई अधिकारी नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने ही अधिकारियों को नियुक्त किया है.

दूसरे दौर की बातचीत के बाद उन्होंने बताया कि विशेष दल के अधिकारियों ने उनसे जो सवाल पूछे हैं वो 27 फरवरी, 2002 से लेकर राज्य में विधानसभा चुनावों तक के समय पर केंद्रित हैं.

गुजरात दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसाइटी में हुई हिंसा में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफ़री मारे गए थे.

उनकी पत्नी ज़किया जाफ़री की शिकायत पर मुख्यमंत्री मोदी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था.

पिछले साल 27 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को निर्देश दिया था कि वह ज़किया जाफ़री की शिकायत की जाँच करें.

ज़किया जाफ़री ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री मोदी और 62 अन्य लोगों ने गुजरात में हुई हिंसा को बढ़ावा दिया.

गुजरात दंगों में एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

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