नए हैदराबाद में फैली हिंसा की आग

हैदराबाद हिंसा
Image caption हैदराबाद में अब तक की हिंसा में सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं

आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में सांप्रदायिक हिंसा चौथे दिन भी जारी और हिंसा की आग नए इलाक़ों में फैल गई है.

मंगलवार की ताज़ा हिंसा में दो व्यक्ति की मौत हो गई है और कई जगहों पर हिंदू और मुसलमान गुटों के बीच झड़पें हुई हैं.

इस बीच मंगलवार की शाम आठ नए थाना क्षत्रों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

ये इलाक़े अफ़ज़ल गंज, बेगम बाज़ार, हबीब नगर, आसिफ़पूरा, तप्पाचबूतरा, मंगलहाट और शाहइनायत गंज हैं.

हालांकि हैदराबाद के पुराने शहर के जिन 17 थाना क्षेत्रों में पहले ही से कर्फ़्यू लागू है वहां शांति है.

पुलिस आयुक्त एके ख़ान ने कहा है कि अगर इसी तरह शांति जारी रही तो बुधवार को कर्फ़्यू में ठील दी जाएगी.

मंगलवार को हिंदू और मुसलमान गुटों की झड़पों में 25 लोग घायल हुए हैं और क़रीब 20 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

इस तरह अब तक सांप्रदायिक हिंसा में दो की मौत के सहित सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं और डेढ़ सौ से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

ताज़ा हिंसा

ताज़ा हिंसा उस समय भड़की जब बजरंग दल और कुछ अन्य हिंदू संगठनों ने हनुमान जयंती के अवसर पर दो बड़ी रैलियों का आयोजन किया.

पहला जुलूस गोलीगुड़ा से सिकंदराबाद तक निकाला गया जबकि दूसरी रैली जुमेरात बाज़ार से बेगम बाज़ार तक निकाली गई.

Image caption हिंसा के बीच राजनीतिक दलों के बीच इस मामले पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हैं.

जब पहली रैली मुशीराबाद और भोलपुर से गुज़र रही थी तो हिंसा भड़क उठी. रैली में शामिल लोगों ने अल्पसंख्यक समुदाय के घरों, दुकानों पर हमले किए और उनकी संपत्ति को नुक़सान पहुंचाया. इस दौरान दोनों गुटों के बीच पथराव हुआ.

स्थिति पर क़ाबू पाने के लिए पुलिस और रेपिड एक्शन फ़ोर्स ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और हवा में गोलिया चलाईं.

जबका दूसरा जुलूस बेगम बाज़ार से गुज़र रहा था तो पुलिस ने तनाव को देखते हुए हवा में फा़यरिंग की. वहां भी दोनों समुदायों के बीच पथराव हुआ.

आरोप प्रत्यारोप

केंद्र सरकार लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं. राज्य के मुख्यमंत्री के रोसैया के मुताबिक़ केंद्र सरकार केंद्रीय सुरक्षा बलों की 17 अतिरिक्त कंपनियाँ हैदराबाद भिजवा रही है.

गृह मंत्री सबिता इंदिरा रेड्डी ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा है कि स्थिति नियंत्रण में हैं.

उधर इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने मजलिसे-इत्तेहादुल-मुसलमीन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लोगों को भड़काया और सरकार तमाशाई बनी रही.

जबकि मजलिस ने इसके लिए भाजपा को दोषी ठहराया है और कहा है कि लोगों को भड़काने का काम भाजपा ने किया है.

भाजपा नेता उस इलाक़े में जाना चाह रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें उस इलाक़े में जाने की इजाज़त नहीं दी.

पुलिस आयुक्त एके ख़ान ने कहा था कि इसके पीछे सोची समझी साज़िश है और सब कुछ योजनाबद्ध तरीक़े से हुआ है.

शहर के कई इलाक़ों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान गश्त कर रहे हैं.

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