खाप पंचायत : पांच को सज़ा-ए-मौत

  • 30 मार्च 2010
खाप पंचायत
Image caption खाप पंचायत समान गोत्र में शादी करने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा देने का पक्षधर है

हरियाणा में करनाल की एक अदालत ने खाप पंचायत के फ़ैसले के ख़िलाफ शादी करने वाले मनोज और बबली की हत्या के मामले में पांच लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है.

मंगलवार को अतिरिक्त ज़िला जज वाणी गोपाल शर्मा ने इस मामले में एक अन्य दोषी को आजीवन कारावास जबकि एक को सात साल की सज़ा सुनाई है.

इससे पहले 25 मार्च को अदालत ने मनोज और बबली की हत्या के मामले में सात लोगों को दोषी पाया था.

सात दोषियों में छह को हत्या को दोषी पाया गया था जबकि एक को अपहरण करने का दोषी पाया गया था.

इज्ज़त के नाम पर क़त्ल

मनोज और बबली ने वर्ष 2007 में खाप पंचायत के फ़ैसले के विरुद्ध शादी कर ली थी, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही इज्ज़त के नाम पर इस जोड़ी की हत्या कर दी गई थी.

खाप पंचायत का कहना था कि दोनों का संबंध एक ही गोत्र से है ऐसे में दोनों की शादी नहीं हो सकती है, लेकिन मनोज और बबली ने खाप के फ़ैसले की अनदेखी करते हुए शादी कर ली थी.

पुलिस का कहना है कि लड़की के रिश्तेदारों ने दोनों की निर्मम हत्या की और उनके शवों को नहर में फेंक दिया.

23 वर्षीय मनोज हरियाण के कैथल में इलेक्ट्रोनिक्स रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे और 19 वर्षीय बबली कारोरन गांव की रहने वाली थी.

दोनों ने मई 2007 में घर से भागकर शादी की थी और उसी साल जून में ही दोनों की हत्या कर दी गई.

मनोज के घर वाले गुनाहगारों के लिए मौत की सज़ा मांग रहे थे और उनका कहना था कि दोषी किसी रहम के क़ाबिल नहीं हैं. लड़के के घर वालों को कहना है कि लड़की पक्ष ने उनके बेटे और उसकी दुल्हन को मौत की नींद सुला दिया था इसलिए उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए.

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