राजस्थान में गूजरों ने आंदोलन स्थगित किया

गुजर आंदोलन
Image caption गूजरों का आंदोलन कई बार हिंसक हो उठा है

राजस्थान में आरक्षण की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे गूजरों ने सरकार के आश्वासन के बाद अपना आंदोलन सात दिनों के लिए स्थगित कर दिया है.

गूजर संघर्ष समिति के नेता डॉक्टर रूप सिंह ने कहा है कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांग का सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा.

रूप सिंह के अनुसार सरकार के बातचीत के बाद गूजर नेताओं ने दौसा और अजमेर में जारी महापड़ाव को समाप्त करने और जयपुर कूच के आह्वान को वापस लेने का फ़ैसला किया है.

उनका कहना था कि सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई.

हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य में चार स्थानों पर जारी क्रमिक अनशन जारी रहेगा.

इससे पहले मंगलवार की देर रात गूजरों के नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बातचीत की थी. इसके बात बुधवार को आंदोलन स्थगित करने का फ़ैसला किया है.

सरकार की पेशकश

राजस्थान सरकार आश्वासन देती आई है कि वह हाईकोर्ट के बंधन के कारण गूजरों की पाँच फीसदी आरक्षण की माँग को छोड़कर अन्य माँगों को मानने को तैयार है.

सरकार का कहना है कि गूजर समुदाय कहे तो सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी जा सकती है.

इसके पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को गूजर आंदोलन के दौरान जन-धन की हिफ़ाजत के पुख्ता उपाय करने को कहा था.

गूजर नेताओं ने 23 मार्च से आरक्षण की अपनी मांग को लेकर फिर से आंदोलन शुरू कर दिया था.

राजस्थान ने हाल के वर्षो में दो बड़े गूजर आंदोलन देखे हैं.

इनमें कोई 70 लोग मारे गए थे और बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी और सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुँचाया गया था.

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