स्पेस कचरे से निपटने वाला उपकरण

  • 2 अप्रैल 2010
स्पेस कचरे से निपटने वाला उपकरण
Image caption करीब 30 सेंटीमीटर लंबा यह उपकरण अत्यधिक महीन पॉलिमर से मिलकर बना होगा.

ब्रिटेन के शोधार्थियों ने एक ऐसा उपकरण खोजा है जिसकी मदद से उपग्रह की कक्षा से कचरे को निकालकर बाहर फेंक सकते हैं.

इस उपकरण का प्रदर्शन अगले साल किए जाने की योजना है.

असल में यह एक छोटा सैटेलाइट क्यूब है जिसमें एक पतली 25 वर्ग मीटर की प्लास्टिक की चादर लगी है.

अंतरिक्ष यान की निचली कक्षा में मौजूद हवा के अवशेष कण चादर को आकर्षित करेंगे और मलबे को सामान्य की तुलना में अधिक तेज रफ्तार से कक्षा से बाहर फेंक देंगे.

सरे स्पेस सेंटर की टीम का कहना है कि यह अवधारणा अधिक बड़े उपग्रहों और रॉकेट पर भी लागू की जा सकती है.

परियोजना से जुड़े वरिष्ठ शोधार्थी डॉक्टर वायस लपास ने कहा, “हमारी प्रणाली काफी साधारण है. इसकी लागत भी काफी कम है. लेकिन जरूरत है कि इसकी क्षमता का प्रदर्शन किया जाय.”

उन्होंने कहा, “इसकी मदद से हम अंतरिक्ष में भेजे जाने उपग्रहों की क्षमता बढ़ा सकते हैं. नई-नई सेवाओं के लिए उपग्रहों को लगातार छोड़ा जा रहा है. लेकिन इनके सही क्रिया-कलाप के लिए हमें अंतरिक्ष में बढ़ रहे कचरे से निपटना होगा.”

अंतरिक्ष में कचरे का बढ़ता ढेर

ऐसा माना जाता है कि धरती से महज कुछ सौ किलोमीटर ऊंचाई पर ही अतंरिक्ष में 5,500 टन का कचरा मौजूद है.

अभी पिछले साल ही अपनी कक्षा में चक्कर लगा रहे दो उपग्रह छोटे-छोटे कणों से टकरा गए.

इस तरह ये मलबे अंतरिक्ष यानों के लिए भी अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकते हैं.

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस बात पर सहमत हैं कि पुराने उपग्रहों या इस्तेमाल में आ चुके रॉकेट को सेवा समाप्ति के 25 साल के भीतर अंतरिक्ष से हटाया जाना चाहिए.

उपकरण का परीक्षण

यह उपकरण एक नैनो सैटेलाइट है जिसका वजन 3 किलोग्राम है.

इसकी क्षमता का परीक्षण करने के लिए इसे धरती से 700 किलोमीटर की ऊंचाई पर भेजा जाएगा. जहां यह धरती के दोनों ध्रुवों का चक्कर लगाएगी.

दुनिया भर में छोटे उपग्रह बनाने वाली कंपनी और इस रिसर्च को मदद देने वाली कंपनी एसएसटीएल के अध्यक्ष सर मार्टिन स्वीटिंग ने कहा, “इस उपकरण को हम अपने उपग्रहों में लगाए जाने पर विचार करेंगे.”

परीक्षण में सफल होने के बाद इसे उपग्रहों और रॉकेट पर नियमित तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा.

इस तरह अंतरिक्ष कार्यक्रमों से जुड़े नए कारोबार के अवसर भी खुलेंगे.

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