छुट्टी पर भेजे गए जस्टिस दिनाकरन

  • 3 अप्रैल 2010
जस्टिस दिनाकरन

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पीडी दिनाकरन को सुझाव दिया है कि वो अवकाश पर चले जाएं.

पद के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और ज़मीन अधिग्रहण के कथित आरोपों के कारण विवादों में रहे पीडी दिनाकरन पिछले कुछ समय से हाईकोर्ट में न्यायिक प्रक्रियाओं के नियंत्रण से मुक्त हैं.

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने पीडी दिनाकरन को उनके छुट्टी पर जाने संबंधी सुझाव जारी किया था.

जानकारी के मुताबिक समिति ने यह सुझाव इस बात को ध्यान में रखकर दिया कि पिछले कुछ समय से किसी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के अनुपस्थिति में और दिनाकरन के कामकाज से बाहर रहने की वजह से न्यायालय के कामकाज में अड़चन आ रही थी.

दिनाकरन की जगह दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मदन बी लोकुर को कर्नाटक हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाकर भेजा जा रहा है.

विवादों में 'न्यायपालक'

न्यायपालिका में लंबे अर्से से सेवाएं दे रहे जस्टिस दिनाकरन के लिए विवादों का सिलसिला तब शुरू हुआ जब वर्ष 2009 में उनकी पदोन्नति की बारी आई.

जस्टिस दिनाकरन का सुप्रीम कोर्ट जाना लगभग तय था पर इसी दौरान उनपर अपने कार्यालय के दुरुपयोग, ज़मीन के अधिग्रहण और भ्रष्टाचार के कथित आरोप लगे.

तिरुवल्लूर के कलेक्टर ने इस बाबत अपनी रिपोर्ट भी तैयार की जिसमें दिनाकरन पर लगे आरोपों की पु्ष्टि हो गई.

मामले ने और तूल पकड़ा और नौबत ये आई कि 76 सांसदों ने राज्यसभा अध्यक्ष उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को पत्र लिखकर दिनाकरन के खिलाफ़ महाभियोग की मांग की. उन्हें हटाने के सुर उठने लगे.

हालांकि जस्टिस दिनाकरन के ख़िलाफ़ जाँच का काम अभी पूरा नहीं हुआ है लेकिन उससे पहले ही उन्हें अवकाश पर जाने का सुझाव दे दिया गया है.

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