उड़ीसा में नक्सली हमला, नौ मौतें

माओवादी
Image caption उड़ीसा में माओवादी लगातार पुलिसकर्मियों पर हमला करते रहे हैं.

उड़ीसा के कोरापुट ज़िले में बारुदी सुरंग में हुए विस्फोट में कम से कम नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं.

पहले धमाके में 10 पुलिसकर्मियों के मारे जाने का समाचार मिला था. लेकिन राज्य के गृह सचिव आदित्य पाणी ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा कि धमाके में नौ पुलिसकर्मी मारे गए हैं.

इस घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस उपमहानिदेशक संजीव पंडा ने बीबीसी को फोन पर बताया कि यह धमाका कोरापुट ज़िले के गोविंदपल्ली के पास सुबह नौ बजे हुआ.

सुरक्षा बलों की तीन गाड़ियों में से एक गाड़ी धमाके की चपेट में आई. सूत्रों के अनुसार गाड़ी में तीस से अधिक सुरक्षाकर्मी सवार थे.

घटना

यह घटना उस समय हुई जब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी का एक वाहन सुरक्षाकर्मियों को लेकर पास के मलकानगिरी ज़िले से लौट रहा था.

पंडा ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि अभी शवों की तलाश जारी है. घटनास्थल पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भेजे गए हैं.

पिछले रविवार को माओवादियों ने गज़पति ज़िले के अम्बज़गिरी जंगलों में भी एसओजी के जवानों पर हमला किया था जिसमें तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और एक घायल हुआ था.

मलकानगिरी ज़िला नक्सली हिंसा से बुरी तरह प्रभावित है. एसओजी के जवान सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ गए थे. बीएसएफ के जवान कुछ ही समय पहले राज्य में माओवादी विरोधी अभियान के लिए आए हैं.

एसओजी का गठन राज्य सरकार ने विशेष रुप से माओवादियों का सामना करने के लिए किया है. यह बल माओवादियों के ख़िलाफ़ केंद्र सरकार के अभियान में केंद्रीय सुरक्षा बलों की मदद करते हैं.

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