निकाह नहीं, निकाहनामा सही

  • 4 अप्रैल 2010
शोएब मलिक
Image caption शोएब हैदराबाद में मीडिया से रू-ब-रू हुए

पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा से शादी करने जा रहे हैं. लेकिन हैदराबाद की ही एक अन्य लड़की आयशा सिद्दीक़ी से उनकी कथित शादी का बवाल जारी है.

रविवार को मीडिया के सामने पेश हुए शोएब ने विवाद पर कुछ कहा नहीं. उन्होंने एक प्रेस रिलीज़ जारी किया, जिसमें उन्होंने विस्तार से अपना पक्ष रखा है और आरोपों पर स्पष्टीकरण भी दिया है.

पेश है इस प्रेस रिलीज़ की बातें, शोएब मलिक की जुबानी....

भारत और पाकिस्तान में समाचार पत्रों और टेलीविज़न चैनलों पर मेरे बारे में जो ग़लत बातें प्रचारित हो रही हैं, उस पर मैं अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहता हूँ.

क्योंकि मैं बहुत जल्द सानिया मिर्ज़ा से शादी करने जा रहा हूँ. आयशा ने सबसे पहले मुझे वर्ष 2001 में उस समय फ़ोन करने शुरू किए, जब मैं पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के साथ शारजाह में था.

उसने अपना परिचय मेरे एक प्रशंसक के रूप में कराया और कहा कि वो सऊदी अरब में रहती है.

हमलोग धीरे-धीरे रोज़ाना बात करने लगे. मैं उससे मिलना चाहता था. जब भी मैंने मिलने की बात की, वो मुझे कुछ फोटोग्राफ़ भिजवा दिया करती थी.

और मुझे ये विश्वास दिलाया गया था कि जो लड़की इन तस्वीरों में है, मैं उसी से बात कर रहा हूँ. सच्चाई ये है कि मैंने आज तक उस लड़की से मुलाक़ात नहीं की, जिसकी तस्वीरें आयशा ने मुझे भिजवाई थी.

तस्वीरें

मैं 2002 में हैदराबाद आया था, ताकि मैं आयशा से मिल सकूँ, लेकिन मेरे पाकिस्तान रवाना होने से कुछ पहले उसने मुझसे कहा कि वो एक ज़रूरी काम से सऊदी अरब जा रही है.

Image caption सानिया और शोएब मलिक की शादी 15 को होगी

हैदराबाद में मैंने उसके परिवार वालों से पूछा कि वो कहाँ है, तो उन्होंने कहा कि गत एक वर्ष में उसका वज़न काफ़ी बढ़ गया है और जब तक वो इस वज़न को कम नहीं कर लेती, वो मेरे सामने नहीं आएगी.

मैंने कहा कि तस्वीर में तो वो मोटी नहीं है, तो उन्होंने कहा कि तस्वीरें पुरानी हैं.

आयशा मुझसे शादी करना चाहती थी. लेकिन मैं बहुत कम उम्र का था. उस समय मेरी उम्र 20 साल की थी.

आयशा ने मुझपर बहुत दबाव डाला. जून 2002 में मैंने अपने एक दोस्त की दुकान से उसे फ़ोन किया और एक निकाहनामा पर भी ये सोचकर दस्तख़त किए कि मैं उसी लड़की से शादी कर रहा हूँ, जिसकी तस्वीरें मैंने देखी थी.

मुझे ये करते हुए बहुत ज़्यादा ख़ुशी नहीं थी, क्योंकि मैंने अपने माँ-बाप को ये बात नहीं बताई थी. मुझे ऐसा करने के लिए भावनात्मक रूप से दबाव डाला गया था.

मुलाक़ात

एक साल बाद जब मैं हैदराबाद आया, तब भी आयशा ने मुझसे मुलाक़ात नहीं की. उसने फ़ोन पर यही कहा कि मैं वज़न कम नहीं कर सकी हूँ. इसलिए सामने नहीं आना चाहती हूँ.

मेरी मुलाक़ात महा आपा और रीमा से हुई, जिन्होंने मुझे हैदराबाद घुमाया. वर्ष 2004 में मेरे बहनोई (इमरान ज़फ़र) जब हैदराबाद गए, तब भी यही हुआ.

वर्ष 2005 में जब मैं पाकिस्तानी टीम के साथ हैदराबाद में था, जब मिस्टर एमए सिद्दीक़ी ने पूरी टीम को घर पर खाने पर बुलाया. मैं उम्मीद कर रहा था कि मेरी मुलाक़ात वहाँ आयशा से होगी.

लेकिन जिस लड़की की तस्वीर मैं देखता रहा हूँ, वो वहाँ नहीं थी. आयशा कौन हैं, इसकी सच्चाई मुझे इत्तेफ़ाक से मालूम हुई. ये मेरी ज़िंदगी का सबसे बुरा समय था. क्योंकि कोई भी ये बात पसंद नहीं करता कि उसे बेवकूफ़ बनाया जाए. मेरे साथ यही हुआ.

ये बात अगस्त 2005 की है. मेरे बहनोई को सऊदी अरब के एक टीचर की तस्वीर मिली, जो लोगों से यह कह रही थी कि उसकी शादी मेरे साथ हुई है.

मेरे बहनोई के भतीजे उस स्कूल में पढ़ते थे. जब उन्होंने मुझे वो तस्वीर दिखाई, तो मैं भौचक्का रह गया.

ये उसी औरत की तस्वीर थी, जिसे मैं महा आपा कहता था. मैंने फ़ौरन महा आपा से बात की. वो इतने वर्षों से मुझे बेवकूफ़ बना रही थी.

मैं उनसे कहा कि मैं फिर कभी उनसे बात नहीं करूँगा. मैंने आयशा से कहा कि मैं वो तस्वीरें जारी करूँगा, जो मुझे भिजवाई गई थी.

उसने मुझसे माफ़ी मांगी और कहा कि वो लड़की शादी-शुदा है और अगर उसकी तस्वीरें जारी हुई, तो उसका जीवन बर्बाद हो जाएगा.

मैंने इसके बारे में सोचा और मुझे लगा कि ये तस्वीर जारी करना ठीक नहीं होगा. वर्ष 2008 में मेरे वकील ने मिस्टर एमए सिद्दीक़ी को एक क़ानूनी नोटिस भेजा, क्योंकि वो मेरे बारे में मीडिया को ग़लत और मनगढ़ंत कहानियाँ सुना रहे थे.

इल्जाम

उसके बाद उन्होंने झूठे इल्जाम लगाना बंद कर दिए, जब तक कि सानिया से मेरी होने वाली शादी के बारे में समाचार प्रकाशित नहीं हुए.

Image caption सानिया ने भी शोएब का समर्थन किया था

अब वो लोग मुझसे तलाक़ की मांग कर रहे हैं. पहली बात तो ये है कि कोई निकाह हुआ ही नहीं था. क्योंकि उन्होंने मुझे धोखा देने के लिए दबाव डालकर वो निकाह करवाया था.

इस्लाम में तलाक़ तभी हो सकती है, जबकि निकाह हुआ हो. मुझे ये ग़लत विश्वास दिलाया गया था कि मैं उस लड़की से शादी कर रहा हूँ, जिसकी तस्वीरें आयशा ने भिजवाईं थी.

मुझे इस परिवार के पैदा किए इस बवाल पर बहुत ख़राब लग रहा है. क्योंकि इससे मेरे अपने लोगों को और मेरी होने वाली दुल्हन के परिवार को बहुत दुख पहुँचा है.

लेकिन मुझे विश्वास है कि जीत सच्चाई की ही होगी.

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