महिला आरक्षण पर सर्वदलीय बैठक

केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने बजट सत्र के दूसरे चरण में महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में पारित कराने के मद्देनज़र सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

सोमवार को इस सर्वदलीय बैठक में महिला आरक्षण विधेयक के पक्षधर और विरोध करनेवाले कई नेता पहुँच रहे हैं.

लोकसभा में संसदीय दल के नेता और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी इस बैठक में महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा से पारित कराने की दिशा में सभी दलों के नेताओं से बातचीत करेंगे.

बैठक में उन नेताओं की भी उपस्थिति है जो इस विधेयक के ख़िलाफ़ हैं और लगातार इसमें संशोधनों की वकालत कर रहे हैं. सत्तापक्ष के सामने इनको मनाना एक चुनौती है.

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 12 अप्रैल को हो रही है.

महिला आरक्षण विधयेक भारी विरोध के बीच नौ मार्च को राज्य सभा में पारित किया जा चुका है और अब इसका अगला पड़ाव लोकसभा है जहाँ इसे पारित किया जाना है.

महिला आरक्षण विधेयक में संसद और राज्य विधानमंडलों में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रवाधान है.

विधेयक का विरोध

Image caption यूपीए अध्यक्ष इस विधेयक को लेकर आशान्वित हैं.

महिला आरक्षण के मौजूदा स्वरूप का विरोध समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव और जनता दल यूनाइटेड के नेता शरद यादव ज़ोरदार ढ़ंग से कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी भी इस विधेयक का विरोध कर रही है.

इन नेताओं का कहना है कि महिला आरक्षण के मौजूदा स्वरुप से केवल अगड़ी जाति की महिलाओं को फ़ायदा होगा.

इन पार्टियों की मांग है कि महिला आरक्षण के अंदर ही पिछड़े, दलित और मुसलमान वर्ग की महिलाओं के लिए भी सीटें आरक्षित की जाए, ताकि इस आरक्षण का फ़ायदा समाज के कमज़ोर तबक़े को मिल सके.

हालांकि सत्ताधारी और विपक्ष की अधिकतर पार्टियाँ इस विधेयक के पक्ष में हैं और राज्य सभा में इस विधेयक के पक्ष में 186 वोट पड़े थे जबकि विपक्ष में केवल एक वोट पड़ा था.

कुछ छोटी पार्टियों ने राज्य सभा में इस विधेयक के मतदान का विरोध किया था और वोटिंग के दौरान इस पार्टी के नेता सदन से वॉकआउट कर गए थे.

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