मुंबई के हमलावर दफ़न

  • 6 अप्रैल 2010
कसाब
Image caption कसाब के अलावा बाक़ी सभी हमलावर मारे गए थे

महाराष्ट्र सरकार ने उन नौ पाकिस्तानी चरमपंथियों के शवों को दफ़ना दिया है जो 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमलों में मारे गए थे.

दफ़नाने का काम जनवरी में ही कर दिया गया था लेकिन यह चौंका देने वाली जानकारी आज राज्य के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने विधानसभा में दी.

इस जानकारी से मुंबई के मुसलामानों को झटका लग सकता है क्योंकि यहाँ के मुसलामानों ने इन शवों को अपने कब्रिस्तानों में यह कहकर दफ़नाने की इजाज़त नहीं दी थी कि इन लोगों ने मासूम लोगों की जानें ली हैं.

यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दफ़नाने से पहले मुस्लिम धार्मिक नेताओं से सरकार ने सलाह ली थी या नहीं. पाटिल ने इस साल के शुरू में केंद्रीय सरकार से इन शवों को दफ़नाने की इजाज़त मांगी थी. जनवरी में उन्होंने पाकिस्तान से कहा था कि वो अपने नागरिकों के शवों को वापस ले ले लेकिन पाकिस्तान उन्हें अपना नागरिक मानने से इनकार करता है.

26 नवंबर 2008 की रात दस बंदूकधारियों ने मुंबई की कई जगह हमले किए थे. इन हमलों में लगभग 170 लोग मारे गए थे जिनमें नौ बंदूकधारी भी शामिल थे. अकेला बच जाने वाला बंदूकधारी मोहम्मद अजमल कसाब जिंदा गिरफ्तार कर लिया गया था.

उसके खिलाफ़ इन दिनों मुंबई की एक विशेष अदालत में मुकदमा चल रहा है.

पाटिल ने कहा कि शहर के जेजे अस्पताल में रखे गए इन शवों को ज्यादा दिनों तक नहीं रखा जा सकता था.

उन्होंने कहा कि सुबूत के तौर पर इन शवों के डीएनए टेस्ट करवा दिए गए थे. अब इन शवों का रखा जाना बेमानी था.

मुसलामानों की मिल्ली काउंसिल ने कहा था कि अगर सरकार ने इन्हें भारत में दफ़नाने की कोशिश की तो मुसलमान इसका विरोध करेंगे. अभी तक ताज़ा घोषणा पर उनकी प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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