एएमयू के निलंबित रीडर का निधन

प्रोफ़ेसर एसआर सिरस
Image caption चौसठ वर्षीय रामचंद्र सिरस पर कथित रुप से समलैंगिक संबंध के आरोप लगे थे

कथित रुप से समलैंगिक संबंध बनाने के विवाद में घिरे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के निलंबित रीडर श्रीनिवास रामचंद्र सिरस का निधन हो गया है.

उनकी मौत की पुष्टि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी राहत अबरार ने की है.

राहत अबरार का कहना है कि मौत के कारणों का फ़िलहाल पता नहीं चल सका है और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है जिसके बाद ही कुछ बताया जा सकता है.

10 फ़रवरी को एएमयू प्रशासन ने सिरस पर बुरे आचरण का आरोप लगाकर उन्हें निलंबित कर दिया था. हालांकि सिरस ने इन आरोपों का खंडन किया था और इसे सुनियोजित साज़िश बताया था.

साज़िश

विश्वविद्यालय का आरोप था कि रामचंद्र सिरस के ख़िलाफ़ किसी ऐसी गतिविधि में शामिल होने की शिकायत मिली थी जो विश्वविद्यालय की गरिमा, प्रतिष्ठा और मूल्यों के ख़िलाफ़ थी. साथ ही ये शिक्षक की गरिमा के भी विरुद्ध था. जिसकी प्राथमिक जाँच के बाद उन्हें निलंबित किया गया.

जबकि निलंबन के बाद रामचंद्र सिरस से बीबीसी ने बात की थी और उन्होंने सीधे तौर पर इन आरोपों का खंडन किया था और पूरे मामले को साज़िश क़रार दिया था.

सिरस का कहना था कि उनकी उम्र काफ़ी अधिक हो चुकी है जो आरोप लगाए गए हैं वो उनकी क्षमता के बाहर थे.

मराठी भाषा के रीडर डॉक्टर श्रीनिवास रामचंद्र सिरस निलंबन से पहले आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के चैयरमेन भी थे.

सिरस ने अपने ऊपर लगे आरोप को कोर्ट में भी चुनौती दी थी.

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