चिदंबरम की इस्तीफ़े की पेशकश अस्वीकार

  • 9 अप्रैल 2010
गृह मंत्री पी चिदंबरम
Image caption गृह मंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भी नक्सली हमले की ज़िम्मेदारी ली

केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने नक्सली हमलों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़े की पेशकश की थी लेकिन प्रधानमंत्री ने इसे स्वीकार नहीं किया था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार चिदंबरम ने दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़े की पेशकश की थी.

प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता का कहना था,‘‘गृह मंत्री ने परसों इस्तीफ़ा दिया था. प्रधानमंत्री ने इसे अस्वीकार कर दिया है.’’

चिदंबरम ने शुक्रवार को एक समारोह में कहा कि वे छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले की 'पूरी ज़िम्मेदारी' लेते हैं.

चिदंबरम ने कहा, "दंतेवाड़ा में जो कुछ हुआ वो मेरी ज़िम्मेदारी है. मैं इसकी पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं."

मंगलवार को नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ़ के कई दस्तों पर घात लगाकर हमला किया था जिसमें 76 जवान मारे गए थे. यह नक्सलियों का सुरक्षाबलों पर अब तक का सबसे हमला बड़ा हमला माना जाता है.

शुक्रवार को सीआरपीएफ़ के शौर्य दिवस के मौक़े पर आयोजित एक समारोह में चिदंबरम का कहना था, "दंतेवाड़ा में हुई चूक को लेकर मुझसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से सवाल किए जा रहे थे. मैं इसकी ज़िम्मेदारी लेता हूँ."

उनका कहना था कि सीआरपीएफ़ के जवानों की हत्या को भूलाया नहीं जा सकता है.

दंतेनाड़ा में हुई चूक को लेकर मुझसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से सवाल किए जा रहे थे. मैं इस हमले की ज़िम्मेदारी लेता हूँ. गृह मंत्री पी चिदंबरम

ख़बरों के अनुसार चिदंबरम ने बुधवार को ही छत्तीसगढ़ से लौटने के बाद प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भी हमले की ज़िम्मेदारी ली थी और इस्तीफ़े की पेशकश की थी.

उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत तक मारे गए सुरक्षकर्मियों के परिजनों को मुआवज़ा दे दिया जाएगा.

हमले के तुरंत बाद पी चिदंबरम ने रणनीतिक चूक को स्वीकार किया था और कहा था कि इसी कारण दंतेवाड़ा में माओवादी हमले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मारे गए.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल गृह मंत्री की पहल पर नक्सल प्रभावित राज्यों में नक्सलियों के ख़िलाफ़ व्यापक अभियान की शुरुआत हुई थी जिसे 'ग्रीन हंट' के नाम से भी जाना जाता है, हालांकि गृह मंत्री ग्रीनहंट के नाम से जारी किसी ऑपरेशन का खंडन करते हैं.

माओवादियों का कहना है कि दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों पर किया गया हमला सरकार की ओर से चलाए जा रहे ग्रीनहंट का जवाब है.

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