सुरक्षाबलों के लिए बड़ा आवंटन: चिदंबरम

  • 11 अप्रैल 2010
गृह मंत्री पी चिदंबरम
Image caption गृह मंत्री चिदंबरम ने नक्सली हमले के बाद इस्तीफ़े की पेशकश की थी

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने आतंरिक सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि अर्धसैनिक बलों और पुलिस की ज़रूरतों के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में 40 हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान की उम्मीद है.

उन्होंने कहा, ''आतंकवादी, विभाजनकारी ताकतें और नक्सली गरीबों और ख़ासकर आदिवासियों को अपने जाल में फंसाकर चोरी छिपे हिंसा फैलाने में जुटे हैं. इन तत्वों से निबटने के लिए ऐसा आवंटन बिल्कुल ज़रूरी है.''

शनिवार रात पांडिचेरी की कांग्रेस इकाई की एक बैठक में चिदंबरम ने भारत के रक्षा बजट को उचित ठहराया.

उनका कहना था कि पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना संबंध न होने के कारण रक्षा बजट के लिए 1,47,000 करोड़ रुपए का आवंटन ज़रूरी है.

गृह मंत्री का कहना था, ''यदि पड़ोसी देश स्थिर, शांतिप्रिय और भारत के प्रति दोस्ताना रूख़ वाले होते तो बजट में रक्षा पर इतने आवंटन की ज़रूरत ही नहीं होती.''

इसके पहले गृह मंत्री पी चिदंबरम ने नक्सली हमलों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़े की पेशकश की थी लेकिन प्रधानमंत्री ने इसे स्वीकार नहीं किया था.

चिदंबरम ने शुक्रवार को एक समारोह में कहा कि वे छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले की 'पूरी ज़िम्मेदारी' लेते हैं.

चिदंबरम ने कहा, "दंतेवाड़ा में जो कुछ हुआ वो मेरी ज़िम्मेदारी है. मैं इसकी पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं."

मंगलवार को नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ़ के कई दस्तों पर घात लगाकर हमला किया था जिसमें 76 जवान मारे गए थे. यह नक्सलियों का सुरक्षाबलों पर अब तक का सबसे हमला बड़ा हमला माना जाता है.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल गृह मंत्री की पहल पर नक्सल प्रभावित राज्यों में नक्सलियों के ख़िलाफ़ व्यापक अभियान की शुरुआत हुई थी जिसे 'ग्रीन हंट' के नाम से भी जाना जाता है, हालांकि गृह मंत्री ग्रीनहंट के नाम से जारी किसी ऑपरेशन का खंडन करते हैं.

माओवादियों का कहना है कि दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों पर किया गया हमला सरकार की ओर से चलाए जा रहे ग्रीनहंट का जवाब है.

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