हरिद्वार कुंभ में शाही स्नान के दौरान भगदड़

  • 14 अप्रैल 2010

हरिद्वार कुंभ में शाही स्नान के दौरान साधुओं और श्रद्धालुओं के बीच झड़प के बाद मची भगदड़ में सात लोगों की मौत हो गई है और 15 लोग घायल हो गए हैं. इनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

सरकार ने मृतकों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख मुआवजे की घोषणा की है

ये घटना जूना अखाड़े की पेशवाई के दौरान हुई.

इसके बाद जूना अखाड़े ने शाही स्नान का बहिष्कार कर दिया था, हालांकि अब शाही स्नान दोबारा शुरू हो गया है

हरिद्वार में तीन महीनों से चल रहे महाकुंभ में बुधवार को चौथा और अंतिम शाही स्नान है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां स्नान कर रहे हैं.

पिछले तीन शाही स्नानों में 50 लाख से ज्यादा लोग कुंभ स्नान कर चुके हैं और प्रशासन का दावा है कि आज इतने ही और लोग स्नान करेंगे.

दुर्घटना के कारणों के बारे में बीबीसी को अलग अलग जानकारी मिल रही है.

स्थिति नियंत्रित

प्रमुख मेलाधिकारी आनंदवर्धन ने बताया, “ये हादसा बिड़ला पुल के पास तब हुआ जब एक महामंडलेश्वर की गाड़ी वहां से जा रही थी और बेकाबू हुई इस गाड़ी ने कुछ लोगों को टक्कर मार दी जिसमें दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.”

लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि साधुओं और श्रद्धालुओं में कहासुनी हुई जिसके बाद लोगों में भगदड़ मच गई.

लोग इधर-उधर भागने लगे और इसी में कुचलकर तीन लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए.

हालांकि घटना के बाद प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है.

लेकिन उसके हाथ-पांव फूले हुए हैं. एक तरफ अखाड़े हैं और साधुओं को मनाना है और दूसरी तरफ श्रद्धालुओं का हित है.

बुधवार को हरिद्वार महाकुंभ का सबसे महत्त्वपूर्ण और सबसे बड़ा शाही स्नान है.

वहां अपार जनसैलाब है और ऐसा लगता है जैसे सबके बीच हर की पैड़ी तक पहुँचने और डुबकी लगाने की होड़ लगी हुई है.

पुलिस और प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस घटना पर अफ़सोस जाहिर किया, “अब तक सभी शाही स्नान शांति और सदभाव से संपन्न हो गए थे लेकिन आख़िरी दिन ये दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण है.”

मुख्यमंत्री निशंक ने मेला प्रबंधन और सुरक्षा बलों का बचाव करते हुए कहा,“जब इतने बड़े पैमाने पर लोग आते हैं तो इस तरह की घटनाएं अस्वाभाविक नहीं हैं.”

संबंधित समाचार